Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Ek mulk mar diya hai by Jitendra Kabeer

 एक मुल्क मार दिया है लोकतंत्र के ध्वज-वाहक बने थे जो उन सबने अपना पल्ला झाड़ लिया है, जीत हमारी …


 एक मुल्क मार दिया है

Ek mulk mar diya hai by Jitendra Kabeer

लोकतंत्र के ध्वज-वाहक बने थे जो

उन सबने अपना पल्ला झाड़ लिया है,

जीत हमारी हुई है, लिखकर उन्होंने

अफगानिस्तान का पन्ना फाड़ दिया है।

क्रूरता के लिए बदनाम तालिबान ने

उस धरती पर अपना खूंटा गाढ़ लिया है,

और इसी के साथ उदारता की नस्ल को

इस बार जड़ से उन्होंने उखाड़ दिया है।

मूकदर्शक बना है अंतरराष्ट्रीय समुदाय

अपने मुंह में दही सबने जमा लिया है,

उनको चिन्ता है अपने लोगों की बस

अफगानों को मरा उन्होंने मान लिया है।

अब रोक नहीं सकता है कोई उनको

जब  समर्पण ही सबने ठान लिया है,

चुप रहकर मंजर देख रहे सब कायरो

तुम्हारी बुजदिली ने एक मुल्क मार दिया है।

                                   जितेन्द्र ‘कबीर’

                                   

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

तेरे इश्क में

October 17, 2022

तेरे इश्क में तेेरे नाम से ये शामआबाद हो गया कुछ लिखने जो हम बैठेखाली दवात हो गया तुझे सोचा

दिव्य प्रकाश।

October 17, 2022

दिव्य प्रकाश। ऐसा प्रकाश हम बने,दिव्य उजाला लेकर आए,अंधेरे है जीवन में बहुत घने,हम भी थोड़ी रोशनी बन जाए। अपने

आओ मिलकर जीवन बचाएं।

October 17, 2022

आओ मिलकर जीवन बचाएं। धीरे-धीरे पर्यावरण हो रहा है प्रदूषित,वायु, जल, भूमि सब हो रहा है दूषित,बढ़ती जा रही है

गलती करो पर पछतावा नहीं।

October 17, 2022

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि

कामयाबी के शिखर

October 17, 2022

कामयाबी के शिखर हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।हमें और भी आगे बढ़ते रहना है। दीवार चाहे कोई आ जाएपहाड़

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

October 16, 2022

कविता–ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! चकरे खिलाकर बदुआएं समेटी करके भ्रष्टाचार परिवार सहित सुखी रहोगे जब छोड़ोगे भ्रष्टाचार अब भी

PreviousNext

Leave a Comment