Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Duniya dikhawa pasand hai by Jitendra kabir

 दुनिया दिखावा पसंद है कितना भी बड़ा और दयालू  मन हो तुम्हारा, चाहे गुमनाम रहकर कर लो  तुम जरूरतमंदों का …


 दुनिया दिखावा पसंद है

Duniya dikhawa pasand hai by Jitendra kabir

कितना भी बड़ा और दयालू 

मन हो तुम्हारा,

चाहे गुमनाम रहकर कर लो 

तुम जरूरतमंदों का भला,

यश उसी का फैलेगा जगत में

जिसने जम कर किया प्रचार अपना

क्योंकि दुनिया को दिखावा पसंद है

रंग हो सांवला और नयन-नक्श

न हो अप्सरा मानिंद,

सूरत हो जरा साधारण और जिस्म

न हो सांचे में ढला,

बाकी लाख हो चाहे तुझमें अच्छे गुण 

लेकिन जिस्मानी सुंदरता तुम पर

बहुत बार वरीयता पाएगी

क्योंकि दुनिया को चकाचौंध पसंद है

चाहे लिख लो तुम कुछ अच्छा

ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक,

साहित्य और शिल्प की कसौटी

पर भी खरे तुम उतर जाओ,

एक तस्वीर के साथ लगा कोई स्टेट्स

सोशल मीडिया पर तुमसे ज्यादा तवज्जो पाएगा

क्योंकि दुनिया को चेहरे पसंद हैं

रद्दी सी कहानी, फालतू एक्टिंग

होते हुए भी

फ़ूहड़ से संगीत, अश्लील संवाद 

होते हुए भी

करोड़ों कमाती हैं फिल्में एक

सुपरस्टार के नाम पर

क्योंकि दुनिया को ब्रांड पसंद है

                                             जितेन्द्र ‘कबीर’

                                             

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

क्रिसमस-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 25, 2021

क्रिसमस! क्रिसमस है  एक प्रसिद्ध त्योहार, सैंटा क्लॉस जी का हर बच्चा करता है इंतजार, 25 दिसंबर को मनाया जाता

तुम देना साथ सदा-नंदिनी लहेजा

December 23, 2021

तुम देना साथ सदा। नन्हा सा अंकुर बन जब, मैं मातृगर्भ में आया। मेरे अस्तित्व को सींचा माँ ने, था

ठिठुरता ठंड – डॉ इंदु कुमारी

December 23, 2021

ठिठुरता ठंड कंपकपाती ये रातें सिसकती रही यादेंठिठुरते हुए ठंड की बीत गयी रे बचपनआ गयी बर्फीली सीजर्रा -जर्रा हिलानेथरथराती

मशवरा- R.S.meena indian

December 23, 2021

मशवरा इशारों में मुझकों बुलाती है,मगर जाने का नही ।अपना उश्शाक बनाती हैं,उधर जाने का नही ।। इश्क़ में खो

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी- सुधीर श्रीवास्तव

December 23, 2021

 पुण्य तिथि विशेषआचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी दौलतपुर ग्राम रायबरेली जनपद मे पाँच मई अठारह सौ चौसठ मेंपं. रामसहाय द्विवेदी के

कविता-नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 23, 2021

नई शुरुआत! सब बिखर गया तो क्या हुआ,समेटने का दम रखते हैं,चलो करे नई शुरुआत,जिंदगी में फिर से नई शुरूवात

Leave a Comment