Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Dosti kavita by Indu kumari

 शीर्षक- दोस्ती खरीदी जा सकती दुनिया की हर चीज पर दोस्ती नहीं भूलायी जा सकती जिन्दगी की हर चीज पर …


 शीर्षक- दोस्ती

Dosti kavita by Indu kumari

खरीदी जा सकती दुनिया की हर चीज

पर दोस्ती नहीं

भूलायी जा सकती जिन्दगी की हर चीज पर दोस्तों के साथ की मस्ती नही

बिकाऊ हो सकती दुनिया की हर चीज

पर दोस्ती इतनी सस्ती नहीं

किनारे हो सकते दुनिया के हर रिश्ते

पर दोस्ती की कश्ती नहीं

तोड़े जा सकते दुनिया की हर शक्ति

पर दोस्ती की नहीं

जिनकी यादें होठों की मुस्कुराहट बने

  दोस्ती से बड़ा कोई नहीं

चुकायी जा सकती दुनिया की हर कीमत

पर सच्ची दोस्ती की नहीं

उजाड़े जा सकते दुनिया की घरोंदें

पर दोस्ती की नहीं

   स्व रचित

           डॉ. इन्दु कुमारी

मधेपुरा बिहार


Related Posts

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है| meri upar tak pahunch hai

November 19, 2022

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है अच्छों अच्छों को अपने झांसे में लाता हूं जो सियानें बनते हैं उनको ठगियाता

कब बदलेंगे| kab badlenge

November 16, 2022

लिखते बहुत है,पढ़ते भी बहुत हैसोचते भी है,लेकिन कुछ बदला नहीं।। वो जज़्बाती होकर जज्बातों को लिखते हैं बीती बाते

मुझे भी जीने दो| mujhe bhi jeene do

November 16, 2022

अपने गुनाह को कूड़ेदान के नाम कियादुनिया ने पाल मुझे लावारिस नाम दिया।। खता तो तुमने की थी नवयुवाओं लेकिनसजा

भेद सारे चूर कर दो|

November 16, 2022

माँ वीणा वादिनी मधुर स्वर दो,हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो ।मन सारे स्नेहमय हो जाए,ऐसे गुणों का अमृत भर दो

नव साहित्यकारों एसे लिखो/nav sahityakaron aise likho

November 13, 2022

नव साहित्यकारों एसे लिखो बहुत से युवा साहित्यकार बनना चाहतेक्या लिखें ? यही सोच ये उलझ ही जाते।।आओ बैठो खुद

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा| Thasan chhodna padega

November 13, 2022

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो अटके काम बनाना है तो सुकून से जीवन व्यतीत करना है

PreviousNext

Leave a Comment