Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Dosti ka rang kavita by Jitendra kabir

 दोस्ती का रंग अपनी कमजोरियों पर शर्म, बड़े-बुजुर्गों का लिहाज, समाज में बदनामी के भय और अपने करीबियों के बीच …


 दोस्ती का रंग

Dosti ka rang kavita by Jitendra kabir

अपनी कमजोरियों पर शर्म,

बड़े-बुजुर्गों का लिहाज,

समाज में बदनामी के भय

और अपने करीबियों के बीच

मान-सम्मान बनाए रखने के

निरंतर दवाब के कारण

दुनिया के ज्यादातर रिश्तों में 

अपने सही स्वरूप में प्रकट होने से

अक्सर कतराता है इंसान,

बस दोस्तों के बीच में ही

अपने सही रंग में आता है इंसान।

अलग जात का होकर भी

खाना-पीना-सोना होता है साथ,

अलग दीन-मजहब होते हुए भी

नहीं होती नफरत की कोई बात,

अमीरी-गरीबी और उम्र भी

लगा नहीं पाती इस पावन

रिश्ते पर कोई भी घात,

इंसानियत के इस अज़ीम रिश्ते को

जान देकर भी निभाता है इंसान,

बस दोस्तों के बीच में ही

अपने पूर्वाग्रहों से मुक्ति पाता है इंसान।

                               जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

तेरे इश्क में

October 17, 2022

तेरे इश्क में तेेरे नाम से ये शामआबाद हो गया कुछ लिखने जो हम बैठेखाली दवात हो गया तुझे सोचा

दिव्य प्रकाश।

October 17, 2022

दिव्य प्रकाश। ऐसा प्रकाश हम बने,दिव्य उजाला लेकर आए,अंधेरे है जीवन में बहुत घने,हम भी थोड़ी रोशनी बन जाए। अपने

आओ मिलकर जीवन बचाएं।

October 17, 2022

आओ मिलकर जीवन बचाएं। धीरे-धीरे पर्यावरण हो रहा है प्रदूषित,वायु, जल, भूमि सब हो रहा है दूषित,बढ़ती जा रही है

गलती करो पर पछतावा नहीं।

October 17, 2022

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि

कामयाबी के शिखर

October 17, 2022

कामयाबी के शिखर हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।हमें और भी आगे बढ़ते रहना है। दीवार चाहे कोई आ जाएपहाड़

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

October 16, 2022

कविता–ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! चकरे खिलाकर बदुआएं समेटी करके भ्रष्टाचार परिवार सहित सुखी रहोगे जब छोड़ोगे भ्रष्टाचार अब भी

PreviousNext

Leave a Comment