Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Dil parvana by km.soni muskan

 दिल परवाना (कविता) इश्क की गलियों से जो गुजरा  दिवाना हो गया जब मिला कोई रूप प्यारा दिल परवाना हो …


 दिल परवाना (कविता)

Dil parvana by km.soni muskan

इश्क की गलियों से जो गुजरा

 दिवाना हो गया

जब मिला कोई रूप प्यारा दिल परवाना हो गया

हम उनसे इश्क उस कदर कर बैठे..

उन्हें देखने के लिए अपने घर से रवाना हो गया।

इश्क में सुकुन तो मिला तकलीफें कम न हुई 

लोगों को पता चला तो मुश्किलें बढ़ती ही गई

मुझे लगा इश्क को जाहिर नहीं होने देंगे..

पर इस राज को इतना मुश्किल छुपाना हो गया।

जब मिला कोई रूप प्यारा……….

कितना सुंदर था वो पल जब हम थे मिलन में

आकर स्वपनों में तुम्हीं बता दो हमें एक पल में

बिक गए इश्क के बाजार में हम इस कदर..

कि चैन से रहना अब बेठिकाना हो गया।

जब मिला कोई रूप प्यारा…….

कंठों के द्वार से होठों पर ध्वनियां निकल न पातीं

मन मस्तिष्क में इच्छाएं बनते बनते ही थक जाती

बीत जायेगी मेरी जिंदगी तन्हा तुम जो अगर खुश हो

जिसे समझा था वो भी बेगाना हो गया।

जब मिला कोई रूप प्यारा………

जब थे संग तुम जिंदगी थी मेरी निर्मल

जाते ही मेरी जिंदगी बन गई कौतुहल

हम भी कहते फिरते थे पागल पतिंगे हैं हम

मरने के बाद लोगों को मेरे दिल को जलाना हो गया।

जब मिला कोई रूप प्यारा…..  । 

                       कु. सोनी भारती 

       चकिया (चंदौली) उत्तर प्रदेश


Related Posts

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita

September 14, 2023

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita  सुनो दिकु…… तुम्हें हिंदी भाषा बहुत पसंद है नाआज उसी का दिवस है

बेतार की बातें | kavita – Betar ki batein

September 13, 2023

बेतार की बातें जाने कैसे-कैसे महकती है यादें, साथ साथ चलतीदिल में तुम्हारी यादें , लब लरजते हैं कुछ कहने

कविता- भारत देश महान, मेरी आन बान शान

September 13, 2023

कविता-भारत देश महान, मेरी आन बान शान चांद पर पहुंचे अब सूरज की मिलेगी कमान जी20 सफ़ल हुआ पूरे हुए

कविता – संदेश | kavita-Sandesh

September 13, 2023

संदेश जब से गए तुम साजन मेरे,मन को न कुछ भी भाये।हर क्षण लगता वर्ष सम मुझको,याद तेरी अति सताए।भूख

कविता – फिर रात | kavita -Phir rat

September 13, 2023

 कविता – फिर रात | kavita -Phir rat सत्य एक, बीती दो रात हैये दो चांदनी, फिर कहे कोई बात

भारतीय संस्कार | bharteey sanskar par kavita

September 11, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

PreviousNext

Leave a Comment