Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Dharti aur ambar by siddharth gorakhpuri

  धरती और अम्बर जब बादल गरजा करते हैं और बिजली कड़का करती है। फिर धरती से छोटी बूंदे हँस …


  धरती और अम्बर

Dharti aur ambar by siddharth gorakhpuri

जब बादल गरजा करते हैं

और बिजली कड़का करती है।

फिर धरती से छोटी बूंदे

हँस के झगड़ा करती है।

मस्त हवा का हल्का झोंका

जब बदन पे आके लगता है।

काश मौसम ऐसा ही रहे

ख़्वाब ये मन में पलता है।

बादल धरती पर बरस- बरस

पानी – पानी कर देते हैं।

धरती -अम्बर के रिश्ते को

हर ओर अमर कर देतें हैं।

फिर धरती बारिश के पानी को

खुद में संजोया करती है।

फिर सूरज के माध्यम से

अम्बर तक पहुंचाया करती है।

ये लेन देन का पुरा सिलसिला

अनवरत चलता रहता है।

हम एक दूजे के पूरक हैं

अम्बर धरती से कहता है।

जो धरती ने उपजाया है 

अम्बर ने उसको सींचा है।

दोनों एक ही हैं मानो

बस एक खाका खींचा है।

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

सोच में अंतर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

सोच में अंतर जितना कर सकते थे, उससे कहीं ज्यादा बढ़करकरते हैं मां – बापअपनी औलाद के लिए मगर शिकायत

हत्याओं का वर्गीकरण- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

हत्याओं का वर्गीकरण दुनिया के बहुत से देशों में सत्ता धारियों की नीतियों केविरोध में उभरी आवाजों की हत्याएं,उस देश

निडर बनो-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

निडर बनो! चुनौतियों का सामना करते हैं,सच्चाई के लिए लड़ते हैं,इंसानियत पर डट कर चलते हैंचलो निडर बनते हैं! आंसुओं

मां भारती का लाल-हेमलता दाहिया…

December 10, 2021

“मां भारती का लाल” था वीर पुत्र वो बलिदानी,देता दुश्मनों को ललकार.मुख मंडल में तेज सूर्य,आंखो में ज्वाला अंगार .रग-रग

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 10, 2021

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना

December 10, 2021

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना! उन्होंने मुझे हंसा दिया,उन्होंने मुझे रुला दिया,उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,उन्होंने मुझे

Leave a Comment