Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Dharohar by Sudhir Srivastava

 धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान …


 धरोहर

Dharohar by Sudhir Srivastava

हम सबके लिए

हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं,

जिस तरह हम सब

रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को

सम्मान देते आ रहे हैं

ठीक उसी तरह 

बुजुर्गों का भी सम्मान

बना रहना चाहिए।

मगर यह विडंबना ही है

कि आज हमारे बुजुर्ग

उपेक्षित ,असहाय से 

होते जा रहे हैं,

हमारी कारस्तानियों से

निराश भी हो रहे हैं।

मगर हम भूल रहे हैं

कल हम भी उसी कतार की ओर

धीरे धीरे बढ़ रहे हैं।

अब समय है संभल जाइए

बुजुर्गों की उपेक्षा, निरादर करने से

अपने आपको बचाइए।

बुजुर्ग हमारे लिए वटवृक्ष सरीखे

छाँव ही है,

उनकी छाँव को हम अपना

सौभाग्य समझें,

उनकी सेवा के मौके को

अपना अहोभाग्य समझें।

सबके भाग्य में

ये सुख लिखा नहीं होता,

किस्मत वाला होता है वो

जिसको बुजुर्गों की छाँव में

रहने का सौभाग्य मिलता ।

हम सबको इस धरोहर को

हर पल बचाने का 

प्रयास करना चाहिए,

बुजुर्गों की छत्रछाया का

अभिमान करना चाहिए।

सच मानिए खुशियां

आपके पास नाचेंगी,

आपको जीवन की तभी

असली खुशी महसूस होगी।

✍ सुधीर श्रीवास्तव

       गोण्डा(उ.प्र.)

     8115285921

©मौलिक, स्वरचित,


Related Posts

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

December 3, 2021

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो

आज फिर देखा चांद- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

आज फिर देखा चांद सुबह से भूखी प्यासी सीडोल रही थी गली गली कोई भी न था राजी देने को

तुम हमारी कामना – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 3, 2021

तुम हमारी कामना संभावना से कौन करता ,कब कहां इनकार है ,प्रेम का परिणाम होगा ,दर्द का अभिशाप अपना।। शालीन

सत्य है क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

सत्य है क्या? सत्य! जैसा सोचा किसी ने, सत्य! जैसा बोला किसी ने, सत्य!जैसा लिखा किसी ने, सत्य!जैसा पढ़ा किसी

Leave a Comment