Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Deep sang Noor damka by Anita Sharma

 दीप संग नूर दमका  दीपो संग चेहरे पर नूर दमका है। कहीं सजना का प्यार छलका है । उनकी नजरों …


 दीप संग नूर दमका

Deep sang Noor damka by Anita Sharma

 दीपो संग चेहरे पर नूर दमका है।

कहीं सजना का प्यार छलका है ।

उनकी नजरों से नजरें मिली है।

मुझको आज सारे जहाँ की खुली मिल गयी।

आज सोलह शृंगार किया है ।

सजना आज भाया है मुझको।

ये चूड़ी ये पायल बिछिया।

ये माथे की सुन्दर बिन्दिया।

आंखो में मदहोशी छाई।

साथ पिया की मुस्कान है।

ये अंगूठी का नग दमके।

हीरे संग खुशहाली बरसे।

सुहागिन का सिन्दूर माँग में

हरदम साथ पिया का चाहे।

दीपो संग चेहरे की चमकमें

साजन का प्यार दमकता है।

   —अनिता शर्मा झाँसी
   —–मौलिक रचना


Related Posts

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया

May 14, 2023

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया कलम प्रखरव नहीं थी मेरी इसे प्रखरव बनाया है।।हर गहरा ज़ख़्म मेरा शब्दों में ज़हर

मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार

May 11, 2023

मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार मातृदिवस विनयांजलि तेरा नाम जुबां पे आते ही मेरे दर्द सभी थम जाते हैं ,माँ

हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक

May 11, 2023

हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं उसने कहा बक्ष दूंगा मैंने कहा परेशान हूं

मेरे अपने ……. (Mere apne)

May 7, 2023

मेरे अपने ……. रिश्ते बंधे होते हैं, कच्चे धागे की डोर सेहमने तो संभाला बहुत, अपने रिश्तों कोपर रिश्तों की

एक कोशिश , जरिया बनने की

May 4, 2023

एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक

कविता – अंधेरे की आवाज़ | Andhere ki awaz

April 26, 2023

अंधेरे की आवाज़  तालाब शांति में समुद्रीय हलचलविश्व का दूरस्थ प्रतिमान,जो नहीं खोज पाया खोज ही नहीं पायाकविता और कहानियों

PreviousNext

Leave a Comment