Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Daya kavita by anup kumar verma

 शीर्षक – दया  दया धर्म और प्रेम का, रखे नित हम ध्यान।  दया हृदय में रखिए, करे नहीं अभिमान।। करे …


 शीर्षक – दया 

Daya kavita by anup kumar verma

दया धर्म और प्रेम का,

रखे नित हम ध्यान। 

दया हृदय में रखिए,

करे नहीं अभिमान।।

करे नहीं अभिमान, 

यही है मेरा सपना।

दया दिखाते जायेंगे,

तो यह संसार हो जायेगा अपना।।

स्वच्छ वायु सब पायेंगे, करना होगा काम। 

पेड़ो को मत काटिये, 

सुबह हो चाहे शाम।।

पेड़ो पर दया दिखाइए,

जग में होगा नाम।

जग में होगा नाम,

कहते हैं छोटा भैया। 

पेड़ होंगे, हवा होगी, 

तभी जीवन होगा भैया।। 

दया करें हम जीवो पर, 

बने रहे महान।

बिच्छू भी नहीं छोड़ता, अपना कर्म प्रधान।। 

फिर हम क्यों भूल रहे, अपना धर्म विधान।

दया सदा करते चले,

पायेंगे सम्मान।। 

पायेंगे सम्मान, 

बस करते रहें अपना काम। कहत अनूप कुमार हैं,

कर सब को प्रणाम।।

स्वरचित मौलिक एवं अप्रकाशित

अनूप कुमार वर्मा 

कवि/लेखक/पत्रकार/समाजसेवी

बाराबंकी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सचिव गीत गौरव परिवार


Related Posts

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

December 3, 2021

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो

आज फिर देखा चांद- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

आज फिर देखा चांद सुबह से भूखी प्यासी सीडोल रही थी गली गली कोई भी न था राजी देने को

तुम हमारी कामना – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 3, 2021

तुम हमारी कामना संभावना से कौन करता ,कब कहां इनकार है ,प्रेम का परिणाम होगा ,दर्द का अभिशाप अपना।। शालीन

सत्य है क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

सत्य है क्या? सत्य! जैसा सोचा किसी ने, सत्य! जैसा बोला किसी ने, सत्य!जैसा लिखा किसी ने, सत्य!जैसा पढ़ा किसी

Leave a Comment