Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Daulat by Siddharth gorakhpuri

 दौलत तेरी फितरत ऐसी है ,कि सबकी जुबान बदल देती है। बुराइयों का लिबास ओढ़े व्यक्ति की पहचान बदल देती …


 दौलत

Daulat by Siddharth gorakhpuri

तेरी फितरत ऐसी है ,कि सबकी जुबान बदल देती है।

बुराइयों का लिबास ओढ़े व्यक्ति की पहचान बदल देती है।

तेरे अकूत होने से सारे दोष मिथ्या हो जाते है,

तू तो अच्छे अच्छो का ,खानदान बदल देती है।

तू है तो इज्जत है और सोहरत है।

नही है पास तो , ढेर सारी तोहमत है।

तूँ तो अक्सर रिश्तों की दुकान बदल देती है।

तेरी फितरत ऐसी है कि सबकी जुबान बदल देती है।

बड़ी अजीब होती है जिंदगी बेकारी के दौर में।

अच्छा बुरा हो जाता है, अपनी लाचारी के दौर में।

असल मायने में जिंदगी का , मुकाम बदल देती है।

तेरी फितरत ऐसी है कि सबकी जुबान बदल देती है।

हाथों की मैल जो पहले कहते थे वही दाग अब अच्छे है।

भाषा बदली परिभाषा बदली नही रहे अब बच्चे हैं।

धन की जगह रिश्तों का नुकसान बदल देती है।

तेरी फितरत ऐसी है कि सबकी जुबान बदल देती है।

– सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष

April 27, 2022

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष एक महान नायक! समानता का अधिकार दिलाया,ज्ञान का प्रकाश चमकाया,किया संघर्ष मानवता के अधिकार

स्वयं को पहचाने!

April 27, 2022

स्वयं को पहचाने! चलो आज स्वयं को पहचाने,अपनी कमजोरियों को जाने,जग की आलोचना बहुत की,अब खुद को भी दे, थोड़े

जीवन में द्वंद का समापन!

April 27, 2022

जीवन में द्वंद का समापन! कभी पाऊं खुद को अनजान,तो कभी महान,कभी अज्ञानी, तो कभी ज्ञानी,मुझ में हे अच्छाई या

मोहब्बत का मरहम़ लगा

April 27, 2022

 मोहब्बत का मरहम़ लगा फ़रेब दिया तूने चाहे , रूह में मेरी तू ही समाता है ये दिल तो कायल

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा

April 27, 2022

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगाआज हसे दुनिया चाहे कल

वीणा के सुर खामोश हो रहे

April 27, 2022

 वीणा के सुर खामोश हो रहे मेरी तमन्नाओं के कातिल बता तूने हमें वफा क्यों न दी।। कभी मांगा न

PreviousNext

Leave a Comment