Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Chunav ka mausam by Anita Sharma

 चुनाव का मौसम लो चुनाव का समय आया छीटा कशी व्यंग्य का दौर। * सबको अपनी कुर्सी का मोह चुनाव …


 चुनाव का मौसम

Chunav ka mausam by Anita Sharma

लो चुनाव का समय आया

छीटा कशी व्यंग्य का दौर।

*

सबको अपनी कुर्सी का मोह

चुनाव प्रचार के नये नये तरीके।

*

प्रलोभनो के आकर्षक रूप

सज रहा तम्बू सज रही गाड़ी।

*

होंगें सवार, पावर का है कमाल

जनता को गुमराह करेगें।

*

चिकनी चुपड़ी बातों में लपेटकर

जनता की आंखो में धूल झोंकेगे।

*

वादों की लड़लड़ी लगाकर

जनता को डुबकी अब देगें।

*

देखो आया चुनावों का दौर

नेताओं की बातों का दौर।

*

कितने वादे,कितने नारे

सबकी सब है खोखले पिटारे।

*

प्रचार-प्रसार के रंग निराले

टीवी चैनलों पर धूम मचाते।

*

सबकी की बखिया खूब उधेड़ते

हरेक पार्टी दूसरे पर कीचड़ उछालती।

*

नेताओं की सभाओं का दौर

गरीब जनता की फिक्र का दौर।

*

सब पार्टी के लोलुप हैं

धन-जन-उपहारों का वादा ।

*

एक दूसरे की पोल खोलते

कितना भाषणबाजी करते।

*

काश जनता को ये समझते?

अब जागरूक है जनता ।

—-अनिता शर्मा झाँसी
—–मौलिक रचना


Related Posts

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

March 25, 2022

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए

कविता -मां की ममता

March 25, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है, कोई करता कोई नहीं मां

भाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान

March 25, 2022

कविताभाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहन करने बहुभाषावाद को बढ़ावा देने एक भारत श्रेष्ठ भारत का प्रसार करने

सुकूँ चाहता है-सिद्धार्थ गोरखपुरी

March 25, 2022

सुकूँ चाहता है ठिकाना बदलना जो तूँ चाहता है जमाने से क्या तूँ सुकूँ चाहता है?जमाना बुरा है तूँ कहता

नारी- डॉ. इन्दु कुमारी

March 25, 2022

नारी क्या है तेरी लाचारी क्यों बनती तू बेचारीरिश्तो को निभाती आईजैसे बदन को ढकती साड़ीनारी !नारी!!ओ नारीस्व को मिटाने

ईमानदारी कविता -जयश्री बिरमी

February 24, 2022

ईमानदारी कहां कहां ढूंढू तुझे बता दे जराढूंढा तुझे गांव गांव और गली गलीढूंढने के लिए तुझे मैं तो शहर

Leave a Comment