Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

chunauti se km nahi by Jitendra Kabir

 चुनौती से कम नहीं वक्त बीतता जाता है  जैसे-जैसे कुंद पड़ती जाती है  दांपत्य में धार नयेपन की, जिन नजरों …


 चुनौती से कम नहीं

chunauti se km nahi by Jitendra Kabir

वक्त बीतता जाता है 

जैसे-जैसे

कुंद पड़ती जाती है 

दांपत्य में धार नयेपन की,

जिन नजरों के मिलने से

दिल धड़क जाते थे दोनों के

जोरों से

वो ‘नार्मल’ हो जाती हैं।

जिनकी नाराजगी के डर से

सिहरन दौड़ जाती थी जिस्म में

बहुत बार

वो ‘इग्नोर’ हो जाती हैं।

जिन आंखों में आंसू आने से

दिल बैठ जाता था फ़िक्र से

होकर परेशान

वो ‘रूटीन’ हो जाते हैं।

घर-परिवार की जिम्मेदारी

निभाते हुए दांपत्य  में

‘चार्म’ बनाए रखना भी

किसी चुनौती से कम नहीं।

          

       जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment