Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Chhath puja by Sudhir Srivastava

 छठपूजा सूर्योपासना का आस्था विश्वास संग होता यह महापर्व षष्टी तिथि का ये छठ पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष …


 छठपूजा

Chhath puja by Sudhir Srivastava

सूर्योपासना का

आस्था विश्वास संग

होता यह महापर्व

षष्टी तिथि का ये छठ पर्व

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में।

चार दिवसीय अद्भुत पर्व

नहाय खाय से शुरू हो

दिल में समर्पण भाव लिए

छठी मैय्या से गुहार करे

सारे व्रती, परिजन संग।

प्रथम दिवस होता है 

घर की साफ सफाई संग

शुरू होता व्रती का दिन

कद्दू की सब्जी का महत्व 

बहुत होता इस दिन।

अगले दिन खरना है खास

व्रती का होता पूर्ण उपवास

श्रद्धा भाव से प्रसाद बनाती

सूर्यदेव को समर्पित कर

एकांतवास है करती,

अगला दिन होता सबसे खास

नदियों, पोखरों के जल में खड़ी हो

संध्या को अर्ध्य देती

अपने स्थान पर ही खड़ी हो

सूर्यदेव की परिक्रमा करती

शीश झुकाती नमन वंदन करती।

अंतिम दिन सूर्योपासना का

उदित भाष्कर को अर्ध्य दे

व्रत का समापन करती,

छठी मैय्या के गीत गाती

बंधु बाँधवों संग सपरिवार 

खुशहाली की गुहार लगाती

छठी मैय्या की महिमा बखानती।

श्रद्धा समर्पण विश्वास से 

जो भी करे छठी माँ का व्रत

नियम धरम से माँ की महिमा बखाने,

छठी मैय्या उसके सारे कष्ट हरती

उसका सर्वकल्याण करती।

छठी मैय्या की महिमा बड़ी निराली

उसकी पूजा आराधना से किसी की

झोली किसी की रहे न खाली,

छठी मैय्या बड़ी भोली है,

अपने भक्तों पर सदा ही

कृपा बरसाती रहती है

अपने संरक्षण में हमेशा रखती है,

तभी तो छठी मैय्या की

चहुंओर होती जय जयकार है।

● सुधीर श्रीवास्तव
       गोण्डा, उ.प्र.
   8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

विघटन के बीज- जितेन्द्र ‘कबीर

March 25, 2022

विघटन के बीज एक घर के दो सदस्य,एक शाकाहारी पूर्णतःलेकिन दूसरे को मांसाहार भाए,खाने के ऊपर रोज ही उनकीआपस में

प्राथमिकता में नहीं- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्राथमिकता में नहीं जब सरकारें देने लगें सियासी लड़ाईयां जीतने परध्यान ज्यादाऔर ज़िंदगी की लड़ाई हार रहीजनता पर कम,तो समझ

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर

चुप्पी की कीमत- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

चुप्पी की कीमत अगर तुम्हारा कोई पड़ोसीकुछ हथियारों और गुण्डों के बल परधावा बोल देतुम्हारे घर पर कब्जे के लिए,तो

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

Leave a Comment