Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Chand mera by Jayshree birmi

 चांद मेरा  आज तुम चाहे मत निकलो चांद परवा नहीं चमकेगा टुकड़ा मेरे दिल का तुम जलाना नहीं  निकला हैं …


 चांद मेरा

Chand mera by Jayshree birmi

 आज तुम चाहे मत निकलो चांद

परवा नहीं

चमकेगा टुकड़ा मेरे दिल का

तुम जलाना नहीं

 निकला हैं आज बरसों के बाद

अब बदरी तू भी छाना नहीं

 हैं किस्मत में मेरी ये ही  रोशनी

अब उससे आगे मैंने भी कुछ मांगा नहीं

चांद को तो रात चाहिए चमक ने के लिए

मेरा चांद तो हर दिन हर रात हर पल के लिए हैं

ए चांद तेरी चांदनी की चमक पराई सी हैं

 चांद मेरे की तो रोशनी सो फीसदी अपनी ही हैं

आज तो रात को न सोऊंगी न ही दिन भर चैन होगा

बस एक में और सामने मेरे दिल का टुकड़ा होगा

रब करे न बीते ये पल,दिन और रात

सुनती रहूं में मेरे दिलके टुकड़े की ही आवाज

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

दिल ढूँढता है-नंदिनी लहेजा

March 25, 2022

दिल ढूँढता है कहाँ गए बचपन के वो दिन,जो निश्चिंतता में गुजरते थे।ना लोभ था,ना कोई कपट,निश्छलता लिए रहते थे।दिल

कवि का ह्रदय है – नंदिनी लहेजा

March 25, 2022

शीर्षक-कवि का ह्रदय है  कवि का ह्रदय है खजाना विचारों का , कविता हैं उसकी कुंजी।हँसाते, रुलाते,कभी दिल को छू

हमेशा के लिए कुछ भी नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

हमेशा के लिए कुछ भी नहीं न यह जीत आखिरी हैऔर न यह हार आखिरी है,रोजाना का संघर्ष है जीवनचलेगा

पाखंड लगता है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

March 25, 2022

पाखंड लगता है एक विजेता!अपने सारे संसाधनझोंक देता हैयुद्ध के मैदान मेंजीत के लिए,विजय उसका चरित्र हैलेकिनजब वो लगाता है

हालात बदलेंगे क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

हालात बदलेंगे क्या? आज जब नारे बुलंद होंगेदुनिया भर मेंमहिलाओं की सुरक्षा के,बहुत सारी महिलाएं संघर्ष कर रही होंगीहवस के

कोई रंग ऐसा बरस जाए- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कोई रंग ऐसा बरस जाए इस बार होली में कोई रंग आसमां सेऐसा बरस जाए,कि बस इंसानियत के रंग में

Leave a Comment