Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Chandra Prakash Gautam, poem

Chaman ki suman ibadat ho tum-geet

                      गीत चाहतो में मेरे , चाहत हो तुमजिन्दगी के …


                      गीत

Chaman ki suman ibadat ho tum-geet

चाहतो में मेरे , चाहत हो तुम
जिन्दगी के मेरे, राहत हो तुम
बिते लम्हे मुझे याद आते हैं
दिल में मेरे बसी ,दिल इजाजत हो तुम

रेत के धूप में , मैं भी खोया रहा
तेरे बाहों में मैं , सोया रहा
जो सुकुन मिली है तेरे प्रेम में
मोहब्बत के मेरे शिनाख्त हो तुम

बिजलियों सी चमक है तेरे रुप
तुम दमकती रही उस कड़ी धूप में
साथ पल पल बिताए तेरे साथ हम
झील की ताजगी नफ़ासत हो तुम

आज के सारे दिन साथ तेरे रहा
प्यार में पल रहा प्यार में जी रहा
बंद होंठ तेरे , आँखें सब कह गई
साथ संगम तेरा सहारत हो तुम

प्यार को प्यार से प्यार तुमने किया
धूप में जूल्फ की छाँव तुमने किया
साथ सारी उमर हम तेरे ही रहे
चमन की सुमन इबादत हो तुम

मेरे दिल में बसी दिल इजाजत हो तुम
मोहब्बत के मेरे शिनाख्त हो तुम
चमन की सुमन इबादत हो तुम
चमन की सुमन इबादत हो तुम

कवि सी.पी. गौतम

IN HINGLISH

chahto me mere, chahat ho tum
zindagi ke mere, rahat ho tum
beete lamhe mujhe yad aate hai
dil me mere basi, dil ijajat ho tum

ret ke dhoop me, mai bhi khoya raha
tere bahon me mai, soya raha
jo sukoon mili hai tere prem me
mohabat ke mere shinakht ho tum

bijiliyo si chamak hai tere roop
tum damakti rahi us kadi dhoop me
sath pal bitaye tere sath hm
jheel ki taazgi nafasat ho tum

aaj ke saare din sath tere raha
pyar me pal raha pyar me jee raha
band honth tere, ankhe sab keh gyi
sath sangam tera saharat ho tum

pyar ko pyar se pyar tumne kiya
dhoop me julf ki chaav tumne kiya
sath saari umar hm tere he rahe
chaman ki suman ibadat ho tum

mere dil me basi dil ijajat ho tum
mohabat ke mere shinakht ho tum
chaman ki suman ibadat ho tum
chaman ki suman ibadat ho tum

kavi c.p. gautam


Related Posts

ये ना सोचो/ye na socho

November 5, 2022

ये ना सोचो कशमोकश मे उलझी मेरी जवानी हैलोग कहते वीणा कलम कि दीवानी है।। हालाते मंज़रों ने जज़्बात लिखना

कविता-मानगढ़ धाम की गौरव गाथा/mangarh dham ki Gaurav yatra

November 5, 2022

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम जनजातीय नायकों को याद करने

कविता-विकास के नाम से सुना था/vikas ke nam se soona tha

November 5, 2022

कविता-विकास के नाम से सुना था विकास के नाम से सुना था पर उसका भी दामन खाली हैकिसे सुनाऊं अपनी

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं/hum janta sabke malik hai

November 5, 2022

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं सरकार कानून सब साथ देंगे बस हमें कदम बढ़ाना हैहम जनता सबके मालिक हैं यह

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है/ muskan me mithas ki parchhai hai

November 1, 2022

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है मुस्कान में मिठास की परछाई है इस कला में अंधकारों में भी भरपूर खुशहाली

वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal

October 31, 2022

 वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल  वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी

PreviousNext

Leave a Comment