Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

chaliye zindagi ko khubsurat bnate hai

चलिए सफ़र को खूबसूरत बनाते है दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत लेख | ये लेख chaliye …


चलिए सफ़र को खूबसूरत बनाते है

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत लेख | ये लेख chaliye zindagi ko khubsurat bnate hai ज़िंदगी के ऊपर आधारित है |तो इस खूबसूरत लेख को पढिए और आनंद लीजिए |

ज़िन्दगी का सफ़र

कहाँ भाग रहें है थोड़ा थम जाइए, कैसी जल्दी है ,कहाँ जाना है ?
ज़िन्दगी तो सफ़र है जिसका एक पड़ाव जन्म और दूसरा पड़ाव मृत्यु है , तो चलिए सफ़र को खूबसूरत बनाते है |
आपको आप से रुबुरु कराते है , अपने आस पास की प्रकृति की सुन्दरता को निहारिये, उनसे बातें करिए , ये प्रकृति हमसे बात करती है परन्तु आज हम लोगों ने इनसे दूरियाँ बना ली है और मुर्दाशांति से भर गये है | जब भी वक़्त मिले तो प्रकृति के साथ समय गुजारिये, काफी अच्छा महसूस होगा, दिल को सुकून मिलेगा |

तो चलिए आज ज़िन्दगी से बातें करते है –

Chaliye zindagi ko khubsurat bnate hai

नदियों मे उठ रही जल धारा की हिलोरो को महसूस करिए , कितनी उत्साह से भरी होती है ये जलधाराएं , ये भी तो एक किनारे से दूसरे किनारे तक का सफर कर रही है लेकिन ये कभी मुर्दाशांति से नहीं भरती,ये इतनी खुशनुमा होती है कि सूर्य और चन्द्रमा की किरणें भी इनके साथ खेलने लगती है

ये हमेशा से हमे सिखाती आ रही है ज़िन्दगी जीने के तरीके, लेकिन हम आज कल अपने आस पास की प्रकृति से दूर होते जा रहे है और इसका परिणाम हमे अवसाद, बोझिलता, अकेलापन और निराशा के रूप मे मिल रहा है

अगर ऐसा कभी महसूस हो, तो समझ जाइए आपको एक ठहराव की जरूरत है. अब आपको खुद की जरूरत है | आपको प्रकृति से मिलने की जरूरत है, कभी पेड़ों को गले लगाकर देखे वो मौन खड़े वृक्ष आपको एक खुशी का अनुभव दे देंगे , वे महसूस करा देंगे कि वो आपके अपने है आप अकेले नहीं है |
निकल जाइए एक हरियाली से भरी roadtrip पर, महसूस करिए ठंडी हवाओं को जो आपके मन से मुर्दाशांति को खत्म करके उत्साह से भर देंगी |कितना कुछ बाकी है दुनिया में अभी देखने को ,करने को,परखने को पर हम निराशाओं से घिर कर अवसाद में डूब जाते हैं |

ज़िन्दगी को बोझिल और उबाऊ ना बनाएं इसे एक खूबसूरत सफर बनाये |ये दुनिया सम्भावनाओं से भरी पड़ी है जरुरत है तो बस सकारात्मक नजरिये की |

Read more post-


Related Posts

Lekh aa ab laut chalen by gaytri bajpayi shukla

June 22, 2021

 आ अब लौट चलें बहुत भाग चुके कुछ हाथ न लगा तो अब सचेत हो जाएँ और लौट चलें अपनी

Badalta parivesh, paryavaran aur uska mahatav

June 12, 2021

बदलता परिवेश पर्यावरण एवं उसका महत्व हमारा परिवेश बढ़ती जनसंख्या और हो रहे विकास के कारण हमारे आसपास के परिवेश

lekh jab jago tab sawera by gaytri shukla

June 7, 2021

जब जागो तब सवेरा उगते सूरज का देश कहलाने वाला छोटा सा, बहुत सफल और बहुत कम समय में विकास

Lekh- aao ghar ghar oxygen lagayen by gaytri bajpayi

June 6, 2021

आओ घर – घर ऑक्सीजन लगाएँ .. आज चारों ओर अफरा-तफरी है , ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत का

Awaz uthana kitna jaruri hai?

Awaz uthana kitna jaruri hai?

December 20, 2020

Awaz uthana kitna jaruri hai?(आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ?) आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ये बस वही समझ सकता

azadi aur hm-lekh

November 30, 2020

azadi aur hm-lekh आज मौजूदा देश की हालात देखते हुए यह लिखना पड़ रहा है की ग्राम प्रधान से लेकर

Previous

Leave a Comment