Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bhukhe ke hisse ki roti by Jitendra Kabir

 भूखे के हिस्से की रोटी मैं देखता हूं बहुत बार अपनी छोटी सी बिटिया को खाना खाते हुए, साथ में …


 भूखे के हिस्से की रोटी

Bhukhe ke hisse ki roti by Jitendra Kabir

मैं देखता हूं बहुत बार

अपनी छोटी सी बिटिया को

खाना खाते हुए,

साथ में अपनी प्यारी गुड़िया को भी

खिलाने की कोशिश करते हुए,

पानी पीते हुए उसको भी

पानी पिलाने की कोशिश करते हुए,

सोते हुए उसको भी

साथ में सुलाते हुए,

यहां तक कि अपनी मां का दूध पीते हुए भी

उसको दूध पिलाने की कोशिश करते हुए,

फिर देखता हूं दुनिया में

बहुत सारे लोगों को भूख से मरते हुए,

रोटी के चंद टुकड़ों की खातिर

एक-दूसरे की जान का दुश्मन बनते हुए,

पापी पेट की खातिर 

गलत धंधों में कई बार उतरते हुए,

दो जून की रोटी परिवार के जुटाने की खातिर

दिन-रात खून पसीना एक करते हुए,

तो सोचता हूं

कि काश सारी दुनिया बच्चों की तरह 

अबोध होती,

तो कम से कम भूख किसी की मौत का

कारण न होती,

न इकट्ठा करके रखते बहुत लोग

जरूरत से ज्यादा

तो हरेक के पास होती उसके हिस्से की रोटी।

                                         जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

नया बदलाव लाए!

April 27, 2022

 नया बदलाव लाए! सिर्फ शोर ना मचाए, चलो नया बदलाव लाए, इस बेशकीमती जीवन में, कुछ कमाल करके दिखाएं! बदलाव

क्रोध, कायरता की निशानी!

April 27, 2022

क्रोध, कायरता की निशानी! क्रोध एक श्राप है,इसमें पतन का वास है,क्रोध पर हो पूर्ण रूप से वश,शीतलता और प्रेम

हमारी आत्मकथा!

April 27, 2022

हमारी आत्मकथा! लिखें हमारे जीवन की कहानी,साहस,दृढ़ता हो इसकी निशानी,कलम से नहीं कर्म से लिखें,हमारा जीवनी भी प्रेरणादायक दिखे! इस

स्वाभिमान!

April 27, 2022

स्वाभिमान! सम्मान मांगो ना, कमाओ,पैसे मांगो ना, कमाओ,और कमाना कैसे हैं, इस गौरवशाली जीवन में,सीखो और सिखाओ! खुद के हक

पर्यावरण का संरक्षण!

April 27, 2022

पर्यावरण का संरक्षण! अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है

हुनर को पहचाने!

April 27, 2022

हुनर को पहचाने! हुनर को पहचानिए,अपनी कला को जानिए,मछली की योग्यता है तैरना,उसे उड़ने के लिए ना मनाइए! कौशल का

PreviousNext

Leave a Comment