Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bharosa khud ka by Dr. indu kumari

 भरोसा खुद का तुझमें बहुत सी ताकत है जीवन से लड़ना सीखो आती है ढेर समस्या पर निपटना भी विवेक …


 भरोसा खुद का

Bharosa khud ka by Dr. indu kumari

तुझमें बहुत सी ताकत है

जीवन से लड़ना सीखो

आती है ढेर समस्या पर

निपटना भी विवेक से

भागना शोभा देता नहीं

सच्चाई का सामना करे

रफुचक्कर हो जाएगी

आजमा कर देख लेना

जिन्दगी है अनमोल धन

यूं नहीं जाया करते

खुद पर भरोसा रखो

मंजिल तो मिलकर रहेगी

धैर्य की नाविक बनकर

 सुख का सवेरा देखा कर

आएगी वह पल इन्तजार

कर खुद भरोसा रख कर।

डॉ.इन्दु कुमारी
        हिन्दी विभाग
               मधेपुरा पत्रकार संघ


Related Posts

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

PreviousNext

Leave a Comment