Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

Bharatiya naari par kavita

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या …


भावनानी के भाव

भारतीय नारी सब पर भारी

Bharatiya naari par kavita

पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी
व्यवसाय हो या कंपनी इन्होंने ही बाज़ी मारी
साहस ज़ज्बे का शौर्य है भारतीय नारी
भारतीय नारी सब पर भारी

गृहणी के साथ-साथ अनेक जिम्मेदारी है धारी
किसी भी विपत्ति में कभी हिम्मत नहीं हारी
मां बेटी बहन पत्नी की निभाई जिम्मेदारी
भारतीय नारी सब पर भारी

संवेदनशीलता सहिष्णुता की मूरत है नारी
धैर्य मेहनती इमानदारी की प्रतीक है नारी
हर रूप में रिश्तो के बंधन को निखारी
भारतीय नारी सब पर भारी

कार्यबल जिम्मेदारी जवाबदेही में प्राथमिकता धारी 

सफ़लताओं से हर क्षेत्र में बाज़ी मारी
रिश्ते नाते स्थितियों में खूब समझदारी धारी
भारतीय नारी सब पर भारी

नारी को सशक्त बनाने अब बजट 2023 की बारी
नारी कार्यबल पर अलोकेशन कर दो भारी
नारी शुरू कर दे भविष्य बनाने की तैयारी
भारतीय नारी सब पर भारी

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

माँ

June 24, 2022

 माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ

तन्हा सी!!!!

June 24, 2022

 तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही

वर्षा ऋतु !

June 24, 2022

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और

जरूर लड़े!

June 24, 2022

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और

पारदर्शी जीवन!

June 24, 2022

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

प्रसन्न मन!

June 24, 2022

प्रसन्न मन! डॉ. माध्वी बोरसे! जब मन होता है प्रसन्न,रोकने को चाहता है वह क्षण,चलता वक्त थम जाए,कई और हम

Leave a Comment