Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Bharat me laghu udyog ki labdhiyan by satya Prakash Singh

 भारत में लघु उद्योग की लब्धियाँ भारत में प्रत्येक वर्ष 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाने का प्रमुख …


 भारत में लघु उद्योग की लब्धियाँ

Bharat me laghu udyog ki labdhiyan by satya Prakash Singh

भारत में प्रत्येक वर्ष 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। लघु उद्योग के समग्र आर्थिक विकास का गांधीवादी मॉडल का अवलोकन करने से पता चलता है जिसमें 3H का सिद्धांत हैंड (हाथ से) , हर्ट (दिल से), हेड (दिमाग से) को अपनाया चाहिए ताकि लघु उद्योग का विकास तीव्र गति से हो सके ।भारत जैसे विकासशील देश में लघु उद्योग विकास के लिए सपनों की ताँती बुनने से काम नहीं चलेगा बल्कि सरकार के राजनीतिक दृढ़ इच्छा संकल्प शक्ति के यथार्थ को चरितार्थ करना से होगा ।यद्यपि बुनियादी शिक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों के दिमाग के कपाट खोलने चाहिए कि विदेशी शासन में हुए लघु उद्योग के ह्रास के प्रति कौन जिम्मेदार था। लघु उद्योग के उन्नयन हेतु पूँजी और श्रम के द्वंद को समाप्त करना अनिवार्य है। क्योंकि इसका मूल कारण श्रमिक और पूंजीपति का दो वर्गों में विभाजन आर्थिक विकास के लिए नुकसानदेय है । भारत के आर्थिक विकास के लिए लघु उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। लघु उद्योग तकनीकी कुशलता के कारण चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र या शहरी क्षेत्र या पहाड़ी क्षेत्र हो सभी जगह उत्तम गुणवत्ता वाली वस्तुएं का उत्पादन करता है। जो कि स्थाई पूंजी निवेश करने से ही प्राप्त होगा केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर राजपत्र अधिसूचना में निर्दिष्ट धन राशियों को आवंटित करना चाहिए ताकि बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के लिए उचित कदम उठाया जा सके। रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए जोर देना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था में लघु उद्योग का योगदान प्राचीन काल से उत्तम गुणवत्ता वाली वस्तुओं के के उत्पादन से होता आ रहा है। ब्रिटिश शासन में लघु उद्योग का भारी ह्रास हुआ परंतु स्वतंत्रता पश्चात अत्यधिक तीव्र गति से कुछ दशकों तक विकास भी हुआ। वर्तमान समय में लघु उद्योग विकास के लिए उन्नयन निधि योजना के माध्यम से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना चाहिए  ऋणदात्री एजेंसी द्वारा ब्याज की प्रतिपूर्ति जी न्यूनतम दर पर ही होनी चाहिए ताकि उपभोक्ता सुगमता पूर्वक इसे प्रतिपूर्ति कर सकें ।

मौलिक लेख

 सत्य प्रकाश सिंह 

केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रयागराज उत्तर प्रदेश


Related Posts

आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है

April 18, 2022

 आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है  परीक्षा का थोड़ा तनाव हमें सक्रिय, प्रेरित और हमारा ध्यान केंद्रित करता है परंतु

अपेक्षा और हम- अनिता शर्मा झाँसी

April 18, 2022

अपेक्षा और हम हर रिश्ता सुन्दर प्यारा सा है।हमारे अपने दिल के करीब रहते हैं।सभी प्यारी भावनाओं से जुड़े रहते

रिश्ते कितने अपने कितने पराये!-अनिता शर्मा झाँसी

April 18, 2022

रिश्ते कितने अपने कितने पराये! हम सब समाज और परिवार से जुड़े होते हैं।बहुत खूब प्यारे से परिवार के सदस्यों

महा आराधना पर्व हैं चैत्री नवरात्रि- जयश्री बिरमी

April 18, 2022

महा आराधना पर्व हैं चैत्री नवरात्रि सनातन धर्म के मूल में दोनों का –आस्था और अर्चना– अप्रतिम स्थान हैं।आराधना से

दिवास्वप्न या कुछ और?- जयश्री बिरमी

April 18, 2022

दिवास्वप्न या कुछ और? कोई कितना सफल हो सकता हैं ये तो शायद उनकी मेहनत करने पर निर्भर होता हैं,चाहे

कुदरती सौंदर्यता के रहस्य!

March 26, 2022

कुदरती सौंदर्यता के रहस्य! हर व्यक्ति अपनी त्वचा की देखभाल की दिनचर्या से बहुत प्यार करते हैं, और नहीं करते

Leave a Comment