Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

Bharat desh par kavita

कविता भारत देश महान, मेरी आन बान शान भारत देश महान, मेरी आन बान शानधर्मनिरपेक्षता हैं, भारत की पहचानहर धर्म …


कविता

भारत देश महान, मेरी आन बान शान

Bharat desh par kavita

भारत देश महान, मेरी आन बान शान
धर्मनिरपेक्षता हैं, भारत की पहचान
हर धर्म त्यौहार संस्कृति का, भारत में सम्मान
अनेकता में एकता, हैं भारत विश्व में बलवान

भारत देश है,बुद्धिजीवियों की खान
कोरोना वैक्सीन बना कर,दी नई पहचान
कोरोनावारियर्स बनकर उभरे भारत की शान
अब फिर बनेगा,भारत सोने की खान

आत्मनिर्भर भारत, बनेगा हर क्षेत्र की जान
हर नागरिक को डालना होगा, इस सोच में जान
सोच में ही छुपा है, कुछ कर गुजरने का ज्ञान
भारत देश महान, मेरी आन बान शान-3

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए बहुत वक्त और संसाधन लग जातेकिसी देश के…इस कोरोना नामक महामारी कोपूरी

तोड़ा क्यों जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

तोड़ा क्यों जाए? गुलाब!तुम सलामत रहनाअपनी पत्तियों, टहनियों, जड़ों,परिवेश और वजूद के साथ,तुम्हारी महक और खूबसूरतीका इस्तेमाल नहीं करना है

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही

खुशियां दिखावे की- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

खुशियां दिखावे की ना तुम खुश हो ना हम खुश हैं यह खुशियां है दिखावे की यह जमाना है बड़े

बसंत की बहार- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

Leave a Comment