Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Betiyan Jag ki ladali by Indu kumari

  बेटियाँ जग की लाडली जग की  आधी आबादी कहलाती  है   बेटियाँ हर घर की रौनक है घरों को सजाती …


  बेटियाँ जग की लाडली

Betiyan Jag ki ladali by Indu kumari

जग की  आधी आबादी

कहलाती  है   बेटियाँ

हर घर की रौनक है

घरों को सजाती बेटियाँ

माँ बन ममता लुटाती है

भार्या बन बरसाती प्यार

दादी बन सीख हमें देतीं

मिल जुलकर भरा परिवार

नन्हीं परियाँ बनकर आती

गौरी लक्ष्मीभवानी कहलाती

सरस्वती घर की शोभा पाती

लक्ष्मीबाई बन कर टकराती

सैर करती अंतरिक्ष में वो 

राष्ट्र की शान बढ़ाती है

जहाँ नहीं  है   बेटियाँ

मुरझाई घर की बगिया

बाधा नहीं चढ़े चोटियाँ

झंडा फहराती बेटियाँ

हर माँ बाप रोके रास्ता

इन्दु ना लिखती पंक्तियाँ

जग की लाडली बेटियाँ 

स्व रचित

             डॉ.इन्दु कुमारी

                 मधेपुरा बिहार


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment