Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Betiyan by Anita Sharma

 बेटियाँ बिटिया से घर संसार है, रौनक घर परिवार है। सबके बीच की अहम् कड़ी। प्यार और विश्वास की मूरत …


 बेटियाँ

Betiyan by Anita Sharma

बिटिया से घर संसार है,

रौनक घर परिवार है।

सबके बीच की अहम् कड़ी।

प्यार और विश्वास की मूरत है।

खूब पढ़ाओ ,सुखी बनाओ।

उज्जवल भविष्य बनाना 

मेरी बेटी मेरी दौलत है।

हर सुख इस पर न्योछावर।

सबकी फिक्र हमेशा करती।

सब का मान ध्यान रखती।

प्यारी सी बोली है इसकी।

सबकी आँख का तारा है।

हर धन से बढ़कर धनवान पिता

वही जिसकी प्यारी सी बेटी है।

हर घर की रौनक बिटिया है।

हर घर की धड़कन है।

खिलखिला के हँसती जब बेटी

घर का हर कोना आनंदित रहता।

पापा दिल की बातों को बस

बेटी के सम्मुख ही कह पाते।

कहीं माँ का साया पिता 

बेटी में ही तो पाते हैं।

—–अनिता शर्मा झाँसी

——-मौलिक रचना


Related Posts

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए बहुत वक्त और संसाधन लग जातेकिसी देश के…इस कोरोना नामक महामारी कोपूरी

तोड़ा क्यों जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

तोड़ा क्यों जाए? गुलाब!तुम सलामत रहनाअपनी पत्तियों, टहनियों, जड़ों,परिवेश और वजूद के साथ,तुम्हारी महक और खूबसूरतीका इस्तेमाल नहीं करना है

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही

खुशियां दिखावे की- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

खुशियां दिखावे की ना तुम खुश हो ना हम खुश हैं यह खुशियां है दिखावे की यह जमाना है बड़े

बसंत की बहार- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

Leave a Comment