Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Beti ki taqat kavita by Sudhir Shrivastava

 बेटी की ताकत बिटिया मैंनें जन्मा है तुझे तेरा जीवन भी संवारुँगी, पढ़ा लिखाकर काबिल बनाऊँगी तुझे तेरी पहचान दिलाऊँगी, …


 बेटी की ताकत

Beti ki taqat kavita by Sudhir Shrivastava

बिटिया मैंनें जन्मा है तुझे

तेरा जीवन भी संवारुँगी,

पढ़ा लिखाकर काबिल बनाऊँगी

तुझे तेरी पहचान दिलाऊँगी,

तूझे अपने पैरों पर

खड़ा कर दिखाऊँगी।

दुनियां से लड़ने लायक भी

मैं ही तूझे बनाऊँगी,

बेटी है तो क्या हुआ?

मैं भी तो पहले बेटी

अब माँ भी तो हूँ 

माँ बनकर दिखाऊँगी,

माँ कहलाने का हक 

तुझसे ही तो पाया है,

तेरी पहचान दुनियां को

मैं ही कराऊँगी।

बेटी है तू बेटी ही रहना

गर्व से जीने का जज्बा

मैं तुझमें जगाऊँगी,

बेटी तू मेरे जिगर का टुकड़ा है

ये मैं सबको बताऊँगी

सारे जहां को बेटी की 

ताकत का अहसास भी

मैं तुझसे ही कराऊँगी।

● सुधीर श्रीवास्तव

     गोण्डा, उ.प्र.

  8115285921


Related Posts

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा

मन के हारे हार- जितेन्द्र ‘कबीर’-

January 25, 2022

मन के हारे हार हार भले ही कर ले इंसान कोकुछ समय के लिए निराशलेकिन वो मुहैया करवाती है उसकोअपने

गलतियां दोहराने की सजा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

गलतियां दोहराने की सजा देश में कोरोना की पहली लहरहमारी सरकारों ने विदेशों से खुद ब खुद हीबुलाई थी,जब इतनी

राजनीति के सियार- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

राजनीति के सियार पैसा किसी के हथियार है,लालच किसी का हथियार है,इसी सनातन मोह कोसत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनातेआजकल

श्रेष्ठता के मानक- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

श्रेष्ठता के मानक यह गवारा नहीं समाज कोकि सिर्फ अपनी प्रतिभा, लगन औरमेहनत के आधार पर कोई इंसानसमाज में उच्चतम

किस मुगालते में हो?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

किस मुगालते में हो? एक बात सच – सच बताओ..अभी तक नहीं हुए हो क्या तुमव्यवस्थागत अथवा व्यक्तिगतकिसी बेइंसाफी के

Leave a Comment