Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

besir pair ki bat mat karna by ajay prasad

बेसिर-पैर की  बात मत करना बेसिर-पैर की  बात मत करना दिन को कभी रात मत कहना। रुसबा  न हो जाए …


बेसिर-पैर की  बात मत करना

besir pair ki bat mat karna by ajay prasad

बेसिर-पैर की  बात मत करना

दिन को कभी रात मत कहना।

रुसबा  न हो जाए प्यार तुझ से

घर के मुश्किलात मत कहना ।

दिल तो पागल है समझेगा नहीं

उसे अपनी ज़ज्बात मत कहना ।

सबको मिलता है कहाँ सबकुछ

सबके भले की बात मत करना।

देख अजय अगर तू है समझदार।

गज़लों को आज़ाद मत कहना।

-अजय प्रसाद 


Related Posts

कविता -आधा

September 1, 2022

कविता -आधा जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँमानो लगता है मुझको के खुद को आधा

कविता – उलझ जाता हूँ मैं

September 1, 2022

कविता – उलझ जाता हूँ मैं किसी से बात कहनी होकिसी की बात सुननी होमानवता और मुझमें सेअगर मेरी जात

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

August 30, 2022

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

PreviousNext

Leave a Comment