Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

beshumar pyar kavita by anita sharma jhasi

  बेशुमार प्यार तुम को हम बतलाये कैसे, बेशुमार प्यार हम करते हैं। तुम बिन जीवन जीने का, स्वप्न में …


  बेशुमार प्यार

beshumar pyar kavita by anita sharma jhasi

तुम को हम बतलाये कैसे,

बेशुमार प्यार हम करते हैं।

तुम बिन जीवन जीने का,

स्वप्न में भी न ख्याल आया।

सांसो के हर सरगम में भी,

बेशुमार प्यार हम करते हैं।

तुम्हारे आगोश में आकर ,

हम संवरने लगे हैं।

न मिलने पर कितनी तड़प,

तुमको बतलायें कैसे।

मन के अंतःकरण में सिर्फ,

तुम ही तुम बसते हो।

पाकर बेशुमार प्यार तुम्हारा,

हम निखरने लगें हैं।

–अनिता शर्मा झाँसी

—मौलिक रचना


Related Posts

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment