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Beete lamho me jeena, zahar jaise peena

गीत तुम जहाँ भी रहोग़म का साया न होप्यार तुमको मिलेदर्द आया न होइस दीवानें की खुशियाँतुम्हें ही मिलेमाफ करना …


गीत

Beete lamho me jeena, zahar jaise peena
तुम जहाँ भी रहो
ग़म का साया न हो
प्यार तुमको मिले
दर्द आया न हो
इस दीवानें की खुशियाँ
तुम्हें ही मिले
माफ करना मुझे
जो निभाया न हो

बीते लम्हों में जीना
जहर जैसे पीना
फूल सी तेरी यादें
कांटों सा चुभना
उस गली के दीवानें
अब भी हैं हम
हम तुम्हारे रहें
तुम हो न हो

बातों बातों में रुठना
मेरा भी मनाना
गीत ग़ज़लें सुनाकर
तुम्हें जो हसाना
याद मुझको हर पल
सताती रहे
दर्द सीने में मेरे
तुम्हें हो न हो

तुम जहाँ भी रहो
ग़म जहाँ साया न हो
प्यार तुमको मिले
दर्द आया न हो
इस दीवानें की खुशियाँ
तुम्हें ही मिले
माफ करना मुझे
जो निभाया न हो

चन्द्र प्रकाश गौतम
मीरजापुर, उत्तर प्रदेश
Mail- cp8400bhu@gmail.com

tum jahan bhi raho
gum ka shaya na ho
pyar tumko mile
dard aaya na ho
is diwane ki khushiyan
tumhe he mile
is jamane ki khushiyan
tumhe he mile
maf karna mujhe
jo nibhaya na ho

beete lamho me jeeena
zahar jaise peena
phool si teri yadein
kanton sa chubhna
us gali ke diwane
ab bhi hai hum
hum tumhare rahe
tum ho na ho

baton baton me roothna
mera bhi manana
geet gazle sunakar
tumhe jo hasana
yaad mujhko harpal
satati rahe
dard seene me mere
tumhe ho na ho

tum jahan bhi raho
gum ka shaya na ho
pyar tumko mile
dard aaya na ho
is diwane ki khushiyan
tumhe he mile
is jamane ki khushiyan
tumhe he mile
maf karna mujhe


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