Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bas tujhko hi paya by pravin pathik

 ” बस,तुझको ही पाया है” खो दिया सब कुछ मैंने यूॅं बस, तुझको ही पाया है।         …


 ” बस,तुझको ही पाया है”

Bas tujhko hi paya by pravin pathik

खो दिया सब कुछ मैंने यूॅं

बस, तुझको ही पाया है।

           ऑंखों में था प्रणय-प्यास,

           पलकों में हया की लाली थी।

           होठों पे कुछ मीठे सरगम,

           जैसे गाती कोयल काली थी।

           इंद्रधनुष सी सतरंगी सपनें,

           उठते  हृदय  में बार- बार।

           मॅंझधार बीच तरिणी मेरी,

           बेकल थी पाने को किनार।

तुझको पाने की चाहत में,

हर द्वंदो  से  टकराया  है।

खो दिया सब कुछ मैंने यूॅं,

बस, तुझको ही पाया है।

              तुझको पाकर है जीवन पूर्ण,

              गया न रह अब कुछ भी शेष।

              लगी यादों की बारात सदा,

              है चित्त शांत, स्वप्न निर्निमेष।

              जब  न थी  तब  तेरी यादें,

             अत्यंत प्रबल हो जाती थीं।

             कसकता उर क्षण-प्रतिक्षण,

             मिलने की चाह बढ़ाती थी।

सारी दुनिया को छोड़ सदा,

हाॅं, तुझको ही अपनाया है।

खो दिया सब कुछ मैंने यूॅं,

बस, तुझको ही पाया है।

                      प्रवीन “पथिक”

                  बलिया (उत्तरप्रदेश)


Related Posts

शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार

February 24, 2022

शहीदों के वैलेंटाइन डे। वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं पर कारवां कुछऐसे कर जाते हैंमानस पटल पर छविअंकित हो

बसंत की बहार-डॉ इंदु कुमारी

February 24, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

मेरे जीवन रथ का सारथी

February 24, 2022

मेरे जीवन रथ का सारथी कुछ भी नहीं समझ आता थादुनियां के रंगों मेंकौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा

महापुरुषों का नाम भुना लिया हैै-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

महापुरुषों का नाम भुना लिया है वक्त गुजरने के साथसच्ची, सरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया

दोगला व्यवहार-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

दोगला व्यवहार गायों से नहीं चाहे हमने बछड़ेऔर स्त्रियों से लड़कियां,दोनों के प्रति हमारे समाज काअघोषित सा दुराव रहा है,

मेरा प्यार आया है-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

मेरा प्यार आया है भटका हूं तेरी तलाश में बहुतमिले हो अब तो मुझमें ठहराव आया है,करने दे थोड़ा आरामअपनी

Leave a Comment