Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bas ek sawal by Jitendra Kabir

 बस एक सवाल वैसे तो इस देश में काफी खराब हैं सड़कों के हालात, खराब सड़कों के कारण  होती हैं …


 बस एक सवाल

Bas ek sawal by Jitendra Kabir

वैसे तो इस देश में

काफी खराब हैं सड़कों के हालात,

खराब सड़कों के कारण 

होती हैं बहुत सारी दुर्घटनाएं रोज

जिनमें घायल होने व मरने वालों की

काफी बड़ी है तादाद,

आंकड़ों को देखा जाए तो

किसी युद्ध, आतंकवाद , महामारी ने

नहीं ली इतनी बड़ी संख्या में

हमारे देशवासियों की जान,

फिर भी यह बहुत गंभीर मुद्दा 

शायद ही कभी बनता हो

इस देश में नेताओं के चुनाव का आधार,

जो थोड़े बहुत हाइवे और एक्सप्रेस वे

बने हैं पिछले कुछ सालों के दौरान,

उन पर भारी टोल-टैक्स वसूली को 

जायज ठहराते हुए देश के 

सड़क एवं परिवहन मंत्री का था एक बयान,

अच्छी सुविधाओं के लिए 

देश की जनता को देना ही होगा यह बलिदान,

देश की जनता की तरफ से

मेरा उनसे है बस एक ही सवाल –

क्या इन सड़कों को बनाने के लिए

नहीं किया गया है जनता से 

टैक्स के रूप में एकत्र किए गये

रुपयों का इस्तेमाल?

जनता के ही पैसे से बनी 

किसी चीज के इस्तेमाल पर 

जनता ही चुकाए दाम,

मंत्रियों-विधायकों के लिए सब कुछ हो मुफ्त

क्या यही है इस देश का विधान?

                                        जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

द्विधा में लोकतंत्र- जयश्री बिरमी

January 7, 2022

 द्विधा में लोकतंत्र  विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को

सुबह- चन्दा नीता रावत

January 7, 2022

। । सुबह ।। सुबह सवेरे जब रात ढले सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आतीपृथ्वी के हरे चादर पर लालिमा

गगन की बुलन्दीयो को छुना- चन्दानीता रावत

January 7, 2022

गगन की बुलंदियों को छूना हैं  उड़ना है हमे उड़ना हैगंगन की बुलंदियों को छूना हैआँखो के हसीन ख्वाब कोवास्तविकता कर जीना

जानना – चन्दानीता रावत

January 7, 2022

।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी

Leave a Comment