Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Barish kavita by abhijeet anand bihar

शीर्षक – “बारिश”  आज धरा की गुहार है रंग लाई, नीले नभ में घनघोर बदरी छाई, प्रकृति की छटा मनमोहक …


शीर्षक – “बारिश” 

आज धरा की गुहार है रंग लाई,

नीले नभ में घनघोर बदरी छाई,

प्रकृति की छटा मनमोहक उभर आई,

आज बारिश की पहली फुहार आई… 

वृक्ष झुक झांकने लगे गरदन उचकाये, 

मयूर पंख फैलाए नृत्य करत इतराए,

हरे घास के तिनकों में भी मोती उग आए,

अंगना में बैठ कर के गोरी गीत मल्हार गए… 

सूखी सरिता कल-कल करती बहने लगी,

कुम्हलाई बगिया सुगंध से महकने लगी,

खेतों में हरी भरी फसलें लहलहाने लगी,

वसुधा के आंचल में खुशियों की बूंदे बरसने लगी.. 

सोंधी सी वो खुशबु अपने संग सहेज लाई,

तपती धरा की आज प्रतीक्षित प्यास बुझाई,

भीगते बदन आज फिर अतीत की याद आई,

आज बारिश की पहली फुहार आई…

नाम – अभिजीत आनंद “काविश” 

स्थान – बक्सर, बिहार 

शिक्षा – स्नातक (IT) 

दूरभाष – 8789462118


Related Posts

गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

December 17, 2022

 गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम

Saraswati vandana basant panchami special

December 17, 2022

सरस्वती वंदना बसंत पंचमी विशेष हे विद्यादायिनी ! हे हंसवाहिनी ! करो अपनी कृपा अपरम्पार।हे ज्ञानदायिनी ! हे वीणावादिनी !बुद्धि

Maa-ki-mamta-par-kavita

December 17, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है कोई करता कोई नहीं

Pita ke pyar par kavita

December 17, 2022

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ

Tumse hai hausala

December 17, 2022

 तुमसे है हौंसला  ढलती हुई किसी शाम मेंमेरे कांधे पर अपना सर रखेबैठी हो तुम जब,तुम्हारी पलकें आंसुओं से भीगी

योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई

December 17, 2022

व्यंग्य कविता–योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई सुशासन समागम में सीएम ने यह बात बिना हिचक के

PreviousNext

Leave a Comment