Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bapu aur lal by Dr. indu kumari

  शीर्षक-बापू और लाल आज ही इस धर -धामपर  दो विभूतियों ने ले अवतार  दो अक्टूबर को कर सार्थक  राष्ट्र …


  शीर्षक-बापू और लाल

Bapu aur lal by Dr. indu kumari

आज ही इस धर -धामपर 

दो विभूतियों ने ले अवतार 

दो अक्टूबर को कर सार्थक 

राष्ट्र प्रेम पे किया जां निसार

स्वतंत्रता  के   दीप   जलाने

गुलामी के  अंधकार  मिटाने

छोटे कद-काठी होने पर भी

चट्टानों से लाल  अड़े    रहे

हाथ में लाठी  लेकर  बापू

राष्ट्र  के आगे   खड़े   रहे

सत्य अहिंसा पाठ पढ़ाने

अंग्रेजों को सबक सिखाने

बुनियादी शिक्षा को जीवन

हिस्सा बना किया नव संचार

युग पुरूष की यश कीर्ति के

पताका फहर रहे सारा संसार

आहूति देकर राष्ट्रीय जागृति

शंखनाद किया भारत के लाल ।

                 डॉ.इन्दु कुमारी
                   मधेपुरा बिहार


Related Posts

Geet by mainudeen kohari

August 7, 2021

 गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा

Meri kalam kavita mainudeen kohari bikaneri

August 7, 2021

 *  मेरी कलम  * मेरी  कलम  दिखादे  तू  अपना  कमाल । रोटी मुझे  मिले  सदा हक़ – ओ – हलाल

Badamashi Kavita by jayshree birmi

August 7, 2021

 बदमाशी आई बदमाश बौछरे,भिगोती हुए चौबारे, दौड़ के करो बंद खिड़की, उड़ती चुन्नी खिड़की के पल्ले में अटकी। दौड़ के

Sachcha sathi by Jitendra Kabir

August 7, 2021

 सच्चा साथी कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है, लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए उसका

Musaladhar barish kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 मूसलाधार बारिश एक जमाना याद आया,मूसलाधार बारिश देखी।यादों के झुरमुट में बसी,वही पुरानी यादें लौटी। लगातार बिन रूके तब,गिरता था

Sandesh prakriti ka kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 “संदेश प्रकृति का”  संदेश बादल दे रहे समस्त जग को, कल्याण मार्ग हो जीवन आधार। संमार्ग हो ध्येय बादल हमें

Leave a Comment