Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bandhan na rahega koi by indu kumari

 बंधन न रहेगा कोई मीरा के श्याम राधा के संग रहे हमेशा मीरा को नहीं मलाल हर पल जोहती बाट …


 बंधन न रहेगा कोई

Bandhan na rahega koi by indu kumari

मीरा के श्याम

राधा के संग रहे हमेशा

मीरा को नहीं मलाल

हर पल जोहती बाट

कब आएंगे मोहनलाल

अखियाँ है दरस की प्यासी

नित रहती है वे उदासी

देखत- देखत दिन बीते

रैन होती है पराती (सुबह) 

पलक झपकाए 

मीरा के आए श्याम

बिना दरस दिए भागे

वे गिरधर गोपाल

प्रेम दीवानी हो

गई व्याकुल

कब भागा चितचोर

मिलन तो एक दिन

होगा ऐसा

बंधन न रहेगा कोई

डा. इन्दु कुमारी 

मधेपुरा बिहार


Related Posts

नकाब ओढ़े चेहरे

October 23, 2021

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर

हृदय के चाँद

October 23, 2021

 हृदय के चाँद                                  

Pahle se bhi jyada by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 पहले से भी ज्यादा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देकर सरकार बनाने वाले लोग जब खुद ही लिप्त रहें सारा

Sharad chandra kirne by Anita Sharma

October 23, 2021

 शरद-चंद्र-किरणें* ऐ तकदीर मेरी मुझको चाँद से मिला रही। इक चाँद आसमान में इक है मेरे पास भी। सितारों ने

Sharad purinima by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा  पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम

Dhwaj trivarn hai chhane ko by Arun kumar sukla

October 23, 2021

 ध्वज त्रिवर्ण है छाने को, है उठी लालिमा पूरब से, नभ केसरिया कर जाने को। यह क्षण है दिग नभमण्डल

Leave a Comment