Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

balkavita, poem

Balkavita television by mainudeen kohri

बाल कविता टेलीविजन   मैं  हूँ बच्चों   टेलीविजन । मेरा कोई  नहीं है सीजन ।। मैं चलता रहता हरदम । …


बाल कविता

टेलीविजन

 

Balkavita television by mainudeen kohri

मैं  हूँ बच्चों   टेलीविजन ।

मेरा कोई  नहीं है सीजन ।।

मैं चलता रहता हरदम ।

भुला देता हूँ सारे ग़म ।।

खबरें सुनो या नाटक देखो ।

अपनी पसंद के चैनल देखो ।।

कार्टून चाव से देखे बच्चे बूढ़े ।

नेताओं के भाषण सच्चे झूठे ।।

गीत – गज़ल- फिल्में बहस ।

खोज खबर देखें तहस नहस ।।

आओ देखें अजब गजब की बातें ।

मैं चलता ,दिन देखूं  ना रातें ।।

स्वरचित / अप्रकाशित रचनाएं

*मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी


Related Posts

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

January 16, 2022

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

January 16, 2022

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो

January 16, 2022

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो,दिन ढले तो

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

January 16, 2022

कविता सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहींहम क्या जाने हमारे लिए हमारी

पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान

January 16, 2022

कवितापांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ हित धारकों का इंतजार खत्म हुआ पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी

Leave a Comment