Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

balkavita, poem

Balkavita chidiya by mainudeen kohri

 बाल कविता चिड़िया        चूं – चूं चीं – चीं करती चिड़िया । सब  के मन को भाती चिड़िया …


 बाल कविता
 चिड़िया

      

Balkavita chidiya by mainudeen kohri

चूं – चूं चीं – चीं करती चिड़िया ।

सब  के मन को भाती चिड़िया ।।

फुदक – फुदक कर उड़ती चिड़िया ।

नहीं पकड़ में आती चिड़िया ।।

सुन्दर – सुन्दर पंखों  वाली ।

तिनका चुन- चुन लाती चिड़िया ।।

फर्र- फर्र  फुर्र – फुर्र उड़ती चिड़िया ।

दाना चुन – चुन लाती चिड़िया ।।

स्वरचित / अप्रकाशित रचनाएं

मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी


Related Posts

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita

September 14, 2023

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita  सुनो दिकु…… तुम्हें हिंदी भाषा बहुत पसंद है नाआज उसी का दिवस है

बेतार की बातें | kavita – Betar ki batein

September 13, 2023

बेतार की बातें जाने कैसे-कैसे महकती है यादें, साथ साथ चलतीदिल में तुम्हारी यादें , लब लरजते हैं कुछ कहने

कविता- भारत देश महान, मेरी आन बान शान

September 13, 2023

कविता-भारत देश महान, मेरी आन बान शान चांद पर पहुंचे अब सूरज की मिलेगी कमान जी20 सफ़ल हुआ पूरे हुए

कविता – संदेश | kavita-Sandesh

September 13, 2023

संदेश जब से गए तुम साजन मेरे,मन को न कुछ भी भाये।हर क्षण लगता वर्ष सम मुझको,याद तेरी अति सताए।भूख

कविता – फिर रात | kavita -Phir rat

September 13, 2023

 कविता – फिर रात | kavita -Phir rat सत्य एक, बीती दो रात हैये दो चांदनी, फिर कहे कोई बात

भारतीय संस्कार | bharteey sanskar par kavita

September 11, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

PreviousNext

Leave a Comment