Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

bal shramik diwas par kavita by anita sharma

 बाल श्रमिक दिवस परकविता  कितनी मजबूर जिन्दगी , मासूम उम्र में मेहनत करते। कचरा बीनने को मजबूर , कितने मैले …


 बाल श्रमिक दिवस पर
कविता 

bal shramik diwas par kavita by anita sharma

कितनी मजबूर जिन्दगी ,

मासूम उम्र में मेहनत करते।

कचरा बीनने को मजबूर ,

कितने मैले लिवास ओढ़ते ।

ढाबो में दिखते ये बच्चे ,

जूठे बर्तन धोते बच्चे ।

मजबूरी में ढोते दिखते ,

कहीं ठेला कहीं ईटा गारा।

कितनी बातें सरकार गिनाती ,

कितने वादे संकल्पो में होते ।

बाल मजदूरी फिर-फिर दिखती ,

शोषित कृपण मासूम उम्र के।

हाँ लाचारी साफ झलकती ,

मैले बदन ,अधनंगे बच्चे ।

कोई तो शर्मिंदा होकर ही,

बाल-श्रमिक बनने से रोको ।

नेताओं अब स्वार्थ छोड़कर ,

इन मासूमो का जीवन बदलो ।

काश वो पल भी आये जब ,

भारत माँ के निर्धन संवरेगे ।

हाँ इनका भी जीवन बदलेगा ,

एक नई सुबह जल्दी निकलेगी।।

—-अनिता शर्मा झाँसी—–

—–स्वरचित रचना-


Related Posts

Man mastishk kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 मन-मस्तिष्क मन-मस्तिष्क में उमड़ते-घुमड़ते, विचारों की शृंखला। कितनी उलझी-सुलझी गुत्थियां , उठते-गिरते विचार । *** कितनी लहरें सुख-दुःख की समांई

Meghmala kavita by dr. H.K Mishra

August 6, 2021

 मेघमाला आते जाते देखा है अपनो को , सुख दुख को देखा जीवन में , राह नया कुछ रचती चल

Tanashahi pravitti kavita by Jitendra Kabir

August 6, 2021

 तानाशाही प्रवृत्ति हर कोई चाहता है कि सहमत हों, सब उसके विचारों  और कर्मों से, उसके मन-मुताबिक ही दुनिया चले,

Sochne se kuch nahi hoga by Jitendra kabir

August 6, 2021

 सोचने से कुछ नहीं होगा जब तक रहेगा कोई नया, अच्छा व क्रांतिकारी विचार हमारे दिमाग में ही, व्यवहारिक रूप

Beti ki taqat kavita by Sudhir Shrivastava

August 6, 2021

 बेटी की ताकत बिटिया मैंनें जन्मा है तुझे तेरा जीवन भी संवारुँगी, पढ़ा लिखाकर काबिल बनाऊँगी तुझे तेरी पहचान दिलाऊँगी,

Premchand samaj ke chitere by Indu kumari

August 4, 2021

 प्रेमचंद समाज के चितेरे गोरी सुरत घनी भौहें नाक नुकीले छोटी आँखें गुच्छी हुई बड़ी- बड़ी मूछें प्यारी मुस्कान चेहरे

Leave a Comment