Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

balkavita, poem

Bal kavita raat by mainudeen kohri

बाल कविता रात रात हुई भई रात हुई । दिन हो गया ज्यूँ छुई मुई ।। रात हुई अंधेरा साथ लाई …


बाल कविता
 रात

Bal kavita raat by mainudeen kohri

रात हुई भई रात हुई ।

दिन हो गया ज्यूँ छुई मुई ।।

रात हुई अंधेरा साथ लाई ।

आसमान में तारों की बारात आई ।।

टिमटिम- टिमटिम तारे चमके ।

गिनते- गिनते आँखें झपके ।।

छोटे- छोटे झुरमुट से तारे ।

कुछ पगडंडी जैसे लगते तारे ।।

सबसे बड़ा चमकीला तारा ।

उत्तर दिशा में दिखता ध्रुवतारा।।

अलगअलग समय कुछ दिखते तारे ।

सप्त ऋषिमण्डल कीर्ति कुछ तारे।।

तारे देख दादी-नानी समय बताती ।

रात जाते-जाते तारे साथ ले जाती ।।

       *****

स्वरचित / अप्रकाशित रचनाएं

*मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी


Related Posts

आया है नवरात्रि का त्योहार

October 16, 2023

आया है नवरात्रि का त्योहार आया है नवरात्रि का त्योहार।नवरात्रि में माँ का सजेगा दरबार।गली-गली गूँजेंगे भजन कीर्तन,माँ अंबे की

कविता – अश्रु | kavita – Ashru

October 14, 2023

कविता – अश्रु ये आसू नही मेरा क्रोध है,क्यू तुम्हे नही ये बोध है,कमजोर मत समझो तुम मुझे,यह तुम पर

कविता -अभिव्यक्ति का अंतस्

October 14, 2023

अभिव्यक्ति का अंतस् आहूत हो रही हैभाव की अंगडा़ईमन की खामोश और गुमसुम परछाई मेंकि कहीं कोई चेहरा… चेहरे की

मां है घर आई

October 14, 2023

मां है घर आई मां है घर आई चहुं दिग खुशियां छाईं झूम उठा है कण-कण माटी का हर चेहरे

कविता – बस आ जाओ

October 14, 2023

कविता  : बस आ जाओ सुनो दिकु….. मुज़ से कोई खता हुई है, तो बता दो ना रुख से अपने

ये अंधेरी रात| kavita: ye Andheri rat by veena adavani

October 9, 2023

ये अंधेरी रात ये तंहाई भरी अंधेरीगहरी काली रातहमे डराते हैं।। ये उमड़े घुमड़ते बादलदेख हम अक्सर कितनाडर जाते हैं।।

PreviousNext

Leave a Comment