Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bal divash by mainudeen kohri

 बाल दिवस   आओ बच्चों  आओ खेलें कूदें नाचे गाएं हम सब मिल  कर चाचा का जन्म मनाऐं  । चिड़िया घर …


 बाल दिवस  

Bal divash by menudin kohari

आओ बच्चों  आओ

खेलें कूदें नाचे गाएं

हम सब मिल  कर

चाचा का जन्म मनाऐं  ।

चिड़िया घर की सैर करें

सब मिल मौज  मनाऐं

झूला झूलें दौड़ लगाएं

ताजा ताजा फल खाएं  ।

पिंजड़े में शेर दहाड़े

चालाक लोमड़ी चक्कर लगाए

बन्दर मामा उछले -कूदे

लँगूर बैठा पूँछ हिलाए  ।

झबरिले काले बालों वाले

नाचे भालू भोले – भाले

कंगारु ,चीतल चीते यहॉं

हिरण -जिराफ सबको भाए  ।

आओ देखो -आओ देखो

बगुले कैसे पानी पीए

दरियाई घोड़े मछली रानी

कछुए -मगरमच्छ पानी में जीए ।

रंग – बिरंगी सुनहरी चिड़िया

चीं-चीं-चीं  पिंजड़े में शोर मचाए

कोयल- मैना- बुलबुल देखो

मोर देखो नाच दिखाए  ।

कौआ-तीतर-बटेर शोर मचाए

पेड़ पर बैठा तोता आम खाए

घने पेड़ों की छाया सुन्दर

मीठी – मीठी कोयल  गाए  ।

आओ खेले बाग़ – बगीचों में

फूल खिले जहाँ रंग – बिरंगे

चाचा नेहरू को प्यारे लगते

गुलाब- फूल सदा मन को भाए  ।

सदा  रहे  हम  बच्चे  शाद

बाल दिवस पर नाचे – गाएं

चाचा नेहरू बच्चों के प्यारे

बाल दिवस पर जशन् मनाएं  ।

मईनुदीन कोहरी
नाचीज़ बीकानेरी मो9680868028


Related Posts

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment