Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Bal divash by Jayshree virami

 बाल दिवस आज नवाजेँ चालों अपने नौ निहालों को सजाएं उनके जीवन को बचाएं उन्हे बालाओं से सुख दुःख से …


 बाल दिवस

Bal divash by Jayshree virami

आज नवाजेँ चालों अपने नौ निहालों को

सजाएं उनके जीवन को बचाएं उन्हे बालाओं से

सुख दुःख से कराएं  उन्हे अवगत

बनाएं उन्हे सृहद परिजन

नादानियों के कांटों में पनपते इन फूलों को 

गुलजार हमें बनाना हैं

इन्हे सीखाना हैं मानव बनना

मशीनों के बीच न बन के रह जाए वे मशिनें

आज के परिपेक्ष में भी उन्हें अपने ही संस्कारों को आगे बढ़ाना हैं

जगानी हैं एक अगन आगे बढ़ने की

ऐसी लगन को दिल में लगाना हैं

भूले नहीं हम सभी अपने फर्ज को

उन्हे भी यही पाठ पढ़ाना हैं

चले वो अपने ही धर्म कर्म पर

भूले न मानवता को

इस प्यारी पृथ्वी को उन्हे ही सजना हैं

बाल दिवस को आओं मनाएं

नए जमाने के तरीकों से

हट जाए भले हम पुरानी लकीरों से

पर न भूले अपने रिवाजों को

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

हाय रे गंतव्य जीवन – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 22, 2021

 हाय रे गंतव्य जीवन चली अचानक गई यहां से, जिसका कोई विश्वास नहीं, अंधकार में टटोल रहा हो , जैसे

लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह

November 22, 2021

 लॉक लगा के रखना चलो अब हम चलते है। ख्याल अपना रख लेना। किए मुझसे वादे पूरे कर मेरे यादों

मेरी काव्य धारा-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 22, 2021

 मेरी काव्य धारा मेरी काव्य धारा में, डूबा प्रेम तुम्हारा है , रचना भी तुम्हारी है, प्रणय भी तुम्हारा है 

दूसरा विकल्प ज्यादा पसंदीदा है-जितेंद्र कबीर

November 22, 2021

 दूसरा विकल्प ज्यादा पसंदीदा है सोशल  मीडिया के दुनिया में आगमन के बाद  आ गई है हम सबके हाथ एक

संत शिरोमणी नानक देव -डॉ इंदु कुमारी

November 22, 2021

 संत शिरोमणी नानक देव सिखों के प्रथम गुरु  संत शिरोमणी नानक देव बहाए प्रेम की  गंग सदैव प्रकाश पूंज फैलाने

प्यार की डोर-डॉ इंदु कुमारी

November 22, 2021

 प्यार की डोर हम सब जिनसे बँधे हुए  वो   है  प्यार   की  डोर वर्ना रिश्ते चटक  रहे है बिना   किये 

Leave a Comment