Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Rakesh madhur

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध …


आयुर्वेद और मधुकवि

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता
हर दिन हर घर आयुर्वेद।।
दूर करे तन मन के खेद।।
नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।।
त्रिविध दोष से मुक्ति दिलाता।।
जीवन दायिनी शक्ति बढ़ाये,
विरला जाने सखि ये भेद।।
हर दिन हर घर आयुर्वेद।।
आयुर्वेद प्रकृति अनुदित है।।
इसमें निहित सभी का हित है।।
रज अरु बीर्य बढ़ें औषधि से,
बिकसित होते मज्जा मेद।।
हर दिन हर घर आयुर्वेद।।
रोग निरोधक दे जीवाणु।।
नष्ट करे बिष भरे बिषाणु।।
आयुर्वेद शुद्धता लाकर,
रोग करे सारे विच्छेद।।
हर दिन हर घर आयुर्वेद

About author 

Madhukavi Rakesh madhur

मधुकवि राकेश मधुर

गांव-चाबरखास
तहसील–तिलहर
जनपद-शाहजहांपुर यू पी


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment