Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aye dil aao tumhe marham lga du

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद …


दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद लीजिए इस कविता का |

Aye dil aao tumhe marham lga du

ऐ दिल आओ तुम्हें मरहम लगा दूं,
अपने सीने पे तुमको रखकर सुला दूं!

कितने मासूम रंगीन हो तुम,
यू भी जिद् ना किया करो!
तुम भी क्या कमाल रोते हो,
जब भी रोते हो झकझोर देते हो!
ऐ दिल आओ तुम्हें मरहम लगा दूं,
अपने सीने पे तुमको रखकर सुला दूं!

तुम सब सहकर भी रहते हो हसीन,
मै तो सोचकर हो जाता हूँ बेजान!
काश तुम्हें सबसे महफूज रखा होता,
चंद खुशियों के लिये तुम्हें ना तोड़ा होता!
ऐ दिल आओ तुम्हें मरहम लगा दूं,
अपने सीने पे तुमको रखकर सुला दूं!

IN HINGLISH


sometimes we feel very bad then we want to read something that make feel better ourselves. this poem will make you feel very better if you are feeling sadness.


aye dil aao tumhe marham lga doo
apne seene pe tumko rakhkar sula doo

kitne masoom rangeen ho tum 
yun bhi zid na kiya karo
tum bhi kya kamal rote ho 
jab bhi rote ho jhakjhor dete ho 
aye dil aao tumhe marham lga doo
apne seene pe tumko rakhkar sula doo

tum sab kuch rah kar bhi rahte ho haseen
mai to sochkar  ho jata hu bejaan
kash tumhe sabse mahfus rakha hota
chand khushiyon ke liye tumhe na toda hota
aye dil aao tumhe marham lga doo
apne seene pe tumko rakhkar sula doo

Related Posts

प्रकृति की गोदी- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 15, 2021

प्रकृति की गोदी ध्यान साधना वरदान प्रकृति की,हम शोध खोज न कर पाते हैं ,पूर्ण प्रकृति हमारी ध्यान मग्न है

एक समय था – अनीता शर्मा

December 15, 2021

एक समय था एक समय था–जब साथ सभी रहते थे। चाचा चाचाजी और बच्चे–ताऊ ताई और बच्चे। कितना बड़ा परिवार

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो – डॉ. माध्वी बोरसे

December 13, 2021

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो! अगले जनम मोहे नारी ही कीजो,दोबारा मेरे माता-पिता को, प्यारी सी बिटिया ही दीजो,फिर

ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम- डॉ. माध्वी बोरसे

December 13, 2021

ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम! कुदरत से दी गई चीजें, कभी खराब नहीं होती, अगर मासिक धर्म

श्रद्धांजलि-नंदिनी लहेजा

December 10, 2021

श्रद्धांजलि नम हैं हिंदुस्तान आज , जो खोया वीर सपूत।जीवन साथी संग उनके,जाबांज़ वीर भी, क्षति हुई अभूत।इक ज़लज़ला आया

अपना एक घर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

अपना एक घर बहुत आलीशान न भी हो,मामूली-सी छत के नीचे होचाहे साधारण सा एक कमरा,घांस-फूस से बनी झोंपड़ी होअथवा

2 thoughts on “Aye dil aao tumhe marham lga du”

Leave a Comment