Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Ashru arghy mera hai by Dr. H.K. Mishra

 अश्रु अर्घ्य मेरा है छोड़ गई तू मेरा हाथ , तेरा एहसास नहीं भूला, तड़पता रहा  दिन-रात , तेरा मैं …


 अश्रु अर्घ्य मेरा है

Ashru arghy mera hai by H.K. Mishra

छोड़ गई तू मेरा हाथ ,

तेरा एहसास नहीं भूला,

तड़पता रहा  दिन-रात ,

तेरा मैं प्यार नहीं भूला ।।

लिखते गीतों को चुपचाप,

मगर मैं कह नहीं पाता  ,

सुनाऊं  भी किसको ,

साथ नहीं किसी का  ।।

गिरहस्थी टूट गई अपनी,

जोड़ा था जिसे मिलकर ,

बिखरा आज जीवन है ,

बहुत अफसोस इसका है ।।

मेरा स्वाभिमान तेरा है ,

कभी अभिमान न देना ,

जीना और मरना भी ,

एक साथ बना देना। ।।

मेरा जीना तुम ही से था ,

बिछड़ना भी नहीं जाना ,

मेरे अरमां जीवन का ,

तुम्हें खोकर ही टूटा है ,।।

बताऊं क्या कहूं किसको ,

कोई अपना न मेरा है ,

जीने को जिया अब तक,

तेरी यादों के सहारे ही  ।।

कहती थी सदा मुझको,

खलेगा दूर रह कर ही,

बिल्कुल सच वही तो है,

सारे शब्द तुम्हारे हैं  ।।

आज बैठा एक कोने में,

उपासना का दिन भी है,

रोया अतीत में है मन ,

तुम भी पास बैठी हो। ।।

सूर्य उपासना का है दिन,

गुजरे बरस में  हम संग ,

यादें आज रोती हैं ,

तुम मुझसे दूर बैठी हो। ।

तेरी यादों  के सहारे ही ,

जिएंगे हम बता कब तक ?

गर मंजिल का पता होता,

रुक जाता वहीं कुछ क्षण। ।।

जलाशय का किनारा है ,

सूर्योपासना की बेला है ,

नदी तट भी तुम्हारा है ,

वही तट  तो हमारा है  ।।

तेरी यादों में डूबा हूं  ,

चलो तट पर मिलता हूं,

अतीत आया है चलकर,

अश्रु अर्घ्य किसे दे दूं। ।। ???

मौलिक रचना
                     डॉ हरे कृष्ण मिश्र
                      बोकारो स्टील सिटी
                       झारखंड ।


Related Posts

भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैं

October 16, 2022

कविता–भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैं भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैंभ्रष्टाचार को रोककर सुशासन को आखरी छोर

चांद की व्यथा

October 16, 2022

चांद की व्यथा गातें थे बहुत फसाने मेरी चांदनी केपटाने अपने हुस्न की मल्लिका कोरात रात जग कर देख मुझे

शहरों की शान

October 16, 2022

शहरों की शान आज गुजर रहा था सड़क परएक वृद्ध को गाड़ी से होती टक्करसब भागे जा रहे थे अपने

गलती करो पर पछतावा नहीं।

October 14, 2022

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि

हर दिन करवा चौथ●

October 13, 2022

हर दिन करवा चौथ● जिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा

ऐसा हमारा जीवन हो।

October 11, 2022

ऐसा हमारा जीवन हो। संतुष्टि और सहनशीलता हो,इंसान इंसानियत से मिलता हो,तकलीफ और कांटों के साथ साथ,सुगंधित पुष्प भी खिलता

PreviousNext

Leave a Comment