Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Anuttarit sawal by sarla soni ( Meera krishna)

“अनुत्तरित सवाल” सवाल ये नहीं कि कौन किस ख़ेमे के साथ हैसवाल ये है किकौन देश के अपमान पर मौन …


“अनुत्तरित सवाल”

Anuttarit sawal by sarla soni ( Meera krishna)

सवाल ये नहीं
कि कौन किस ख़ेमे के साथ है
सवाल ये है कि
कौन देश के अपमान पर मौन है??
देशद्रोह के खुलासे पर भी
कौन कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है??
सवाल ये है कि
रावण स्वयंवर की हार की खीझ उतारने
वनवासी निर्सेना राम से
बहन की ढाल से युद्ध का आग़ाज़ क्यों करता है?
और बहन शूर्पणखा
भाइयों को विनाश के गर्त में क्यों धकेल रही है?
सवाल ये है कि
इतिहास में काले अक्षरों में अंकित होने को
ज्ञानी रावण इतना आतुर क्यों है??

सवाल ये है कि
लाक्षागृह की योजना में
धृतराष्ट्र की भूमिका कौन-कौन अदा कर रहा है??
सवाल ये भी है कि
नारायणी सेना
अधर्म के साथ क्यूँ है??
सवाल ये है कि
राष्ट्रधर्म से बढ़कर
सनातनी..कौनसे धर्म का निर्वाह कर रहे हैं
सवाल ये है कि
ज़मीन के टुकड़े को लेकर
दानवीर कर्ण
दोषियों के साथ अट्टहास कैसे कर सकता है?
सवाल ये है कि
भीष्म को हराने के लिए
शिखंडी का सहारा क्यों लिया जा रहा है??

©® #Meera_Krishna ( सरला सोनी)

परिचय:-
सरला सोनी “मीरा कृष्णा”
वरिष्ठ शिक्षक 
जोधपुर, राजस्थान 
कृतियाँ:-
महकते पन्ने,शब्द-शब्द महक,क्षितिज की ओर,पथरीले तट पर,राज-दर-राज, चाँद अधूरा, विवान,काव्य-सृष्टि,सृजन अभिलाष, चिरंतन,सृजन सुगंध,शब्द स्पंदन,काव्य-धारा,तारूष,नारी तू अपराजिता,दूर कहीं जब दिन ढल जाए(साँझा काव्य संकलन)तथा अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित
प्रकाशन समूहों द्वारा प्रशस्ति पत्र 
सम्राट अशोक मानव कल्याण समिति द्वारा प्रशस्ति पत्र 
अपराजिता नारी सम्मान
पुनीत माता-पिता सेवी सम्मान 
पर्यावरण सेवी सम्मान 
राजस्थान गौरव नारी सम्मान 
काव्य मेघ सम्मान 
अमृता प्रीतम मेमोरियल एवॉर्ड
नारी शक्ति सागर सम्मान 


Related Posts

मेरी शब्दों की वैणी

September 4, 2022

मेरी शब्दों की वैणी यादों के भंवर में डूब कर मैं अकसर मोतियन से शब्द लातीबगिया शब्दों कि मेरी जहां

गुरुवर जलते दीप से(शिक्षक दिवस विशेष)

September 4, 2022

गुरुवर जलते दीप से दूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान। मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान।। जब

आई पिया की याद..!!

September 1, 2022

आई पिया की याद..!! मन मयूर तन तरुण हुआबरखा नें छेड़े राग।गरज गरज घन बरस रहेआई पिया की याद।। छानी

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन

September 1, 2022

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन नन्हीं सी पीठ पर बस्ते का बोझ हैदब रहा है बचपन लूट

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले

September 1, 2022

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकालेजो टूट मैं गया तो

कविता – मोहन

September 1, 2022

कविता – मोहन मोहन! मुरली से प्रीत तुम्हारीअगाध अनन्त हुई कैसेप्रीत में पागल मीराबाईमन से सन्त हुई कैसे राधा ने

PreviousNext

Leave a Comment