Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Anath tere bin by Indu kumari

 श्री कृष्ण जन्मोत्सव   अनाथ तेरे बिन  आधी रात को जन्म भये कारावास का खुले वज्र कपाट दैत्य प्रहरी सो गए  …


 श्री कृष्ण जन्मोत्सव 

 अनाथ तेरे बिन 

Anath tere bin by Indu kumari

आधी रात को जन्म भये

कारावास का खुले वज्र कपाट

दैत्य प्रहरी सो गए    ऐसे

रह गए    शून्य     सपाट

भादौ की कालिमा रातों  में

सूझै न हाथों को   हाथ

मूसलाधार बरस रहे ऐसे

खुशियों की आयी सौगात

बिजली चमक रही चमचम

मेघा गरज रहे है डमडम

हो गए प्रिय का आगमन

प्रकृति कर रहे हैं स्वागत 

झुूमती है चारो दिशाएं

भक्तों की जगी आशाएं

यमुना जी उमड़ पडी़ है

कब आएंगे नाथ  हमारे

शेषनाग छतरी बनने को

आकुल-व्याकुल हो रहे

सबके नैनों के तारे कान्हा

बि खे रे मंद -मंद मुस्कान

बेफिक्र हो जाओ प्यारे

कर जोड़ करें गुणगान

सब पर होगी प्रेम बारिश

हम अनाथ हैं तेरे   बिन

      स्व रचित

डॉ.इन्दु कुमारी

         हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार


Related Posts

नया बदलाव लाए!

April 27, 2022

 नया बदलाव लाए! सिर्फ शोर ना मचाए, चलो नया बदलाव लाए, इस बेशकीमती जीवन में, कुछ कमाल करके दिखाएं! बदलाव

क्रोध, कायरता की निशानी!

April 27, 2022

क्रोध, कायरता की निशानी! क्रोध एक श्राप है,इसमें पतन का वास है,क्रोध पर हो पूर्ण रूप से वश,शीतलता और प्रेम

हमारी आत्मकथा!

April 27, 2022

हमारी आत्मकथा! लिखें हमारे जीवन की कहानी,साहस,दृढ़ता हो इसकी निशानी,कलम से नहीं कर्म से लिखें,हमारा जीवनी भी प्रेरणादायक दिखे! इस

स्वाभिमान!

April 27, 2022

स्वाभिमान! सम्मान मांगो ना, कमाओ,पैसे मांगो ना, कमाओ,और कमाना कैसे हैं, इस गौरवशाली जीवन में,सीखो और सिखाओ! खुद के हक

पर्यावरण का संरक्षण!

April 27, 2022

पर्यावरण का संरक्षण! अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है

हुनर को पहचाने!

April 27, 2022

हुनर को पहचाने! हुनर को पहचानिए,अपनी कला को जानिए,मछली की योग्यता है तैरना,उसे उड़ने के लिए ना मनाइए! कौशल का

PreviousNext

Leave a Comment