Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aisi bahano ki kaun sune by Jitendra Kabeer

 ऐसी बहनों की कौन सुनें? रक्षाबंधन के अवसर पर असमंजस में रहती हैं वो स्त्रियां ब्याही गई हैं जो किसी …


 ऐसी बहनों की कौन सुनें?

Aisi bahano ki kaun sune by Jitendra Kabeer

रक्षाबंधन के अवसर पर

असमंजस में रहती हैं वो स्त्रियां

ब्याही गई हैं जो किसी बड़े घर में,

राखी बांधने जाना है उनको भी

लेकिन क्या करें वो जब

घर के कार्यों को देखते हुए सास-ससुर

खुले मन से मायके जाने की

उनसे बात ही न कहें,

अगर चली ही जाएं 

तो राखी बांधने के लिए घर आने वाली

पति की बहनों की खातिरदारी का

इंतजाम कौन करे?

मायका हो नजदीक अगर

तो घंटा दो घंटा जल्दबाजी में जाकर

काम निपटाने की वो कोशिश करें,

लेकिन हो मायका जो दूर उनका तो

हो सकता है रक्षाबंधन का उनका त्यौहार

बहुत बार की तरह इस बार भी

डाक से राखी भेज कर

या फिर फोन पर ही किसी दूसरी बहन को

राखी बांधने के लिए बोल कर ही मनें।

                                  जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

December 3, 2021

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो

आज फिर देखा चांद- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

आज फिर देखा चांद सुबह से भूखी प्यासी सीडोल रही थी गली गली कोई भी न था राजी देने को

तुम हमारी कामना – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 3, 2021

तुम हमारी कामना संभावना से कौन करता ,कब कहां इनकार है ,प्रेम का परिणाम होगा ,दर्द का अभिशाप अपना।। शालीन

सत्य है क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

सत्य है क्या? सत्य! जैसा सोचा किसी ने, सत्य! जैसा बोला किसी ने, सत्य!जैसा लिखा किसी ने, सत्य!जैसा पढ़ा किसी

Leave a Comment