Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aisa jamana ab aa gaya by Jitendra Kabir

 ऐसा ज़माना अब आ गया है अच्छी हो या कि हो फिर बुरी ही, माता-पिता व बुजुर्गों की बात चुपचाप …


 ऐसा ज़माना अब आ गया है

Aisa jamana ab aa gaya by Jitendra Kabir

अच्छी हो या कि हो फिर बुरी ही,

माता-पिता व बुजुर्गों की बात

चुपचाप सिर झुकाकर सुनने वाले 

बच्चों का ज़माना कब का गया,

“हमनें तो नहीं कहा था पैदा करने को!

अपने मजे के लिए हमें पैदा किया है,

अब जो कर दिया है तो खर्चे भी उठाओ।”

अपनी किसी ‘डिमांड’ को नकारे जाने पर

मां-बाप को इतना भी सुना देने वाले 

बच्चों का ज़माना अब आ गया है।

ज्यादा हो या कि हो फिर कम ही,

माता-पिता व बुजुर्गों से मिली सम्पत्ति के लिए 

उनके शुक्रगुजार होने वाले

बच्चों का ज़माना कब का गया,

“आपने अब तक हमारे लिए किया ही क्या है?

पैदा करके पाला पोसा तो 

कोई अहसान नहीं किया हमारे ऊपर,

दुनिया में सब लोग ऐसा ही करते हैं।”

मां-बाप की उम्र भर की जमा-पूंजी खत्म

हो जाने पर उनको इतना भी सुना देने वाले

बच्चों का ज़माना अब आ गया है।

                                            जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति- अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

February 24, 2022

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है तुम्हारा प्रेम…मेरे लिए पुल सरीखा है,जिस पर चलकरनिकल जाता हूं मैं अक्सरखोजने प्रेम के गहनतम

करे कोई और भरे को- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

करे कोई और भरे को खूब मुनाफा कमायाजिन लोगों नेअंधाधुंध खनन करकेनदियों और पहाड़ों में,इसके कारण हुएप्रकृति के कोप से

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

February 24, 2022

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई

कविता मैं बहुत खुश था

February 24, 2022

कवितामैं बहुत खुश था मैं बहुत ख़ुश था जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता नहीं

Sundar bachpan Raunak Agrawal

February 17, 2022

सुंदर बचपन !! सोनी सी मुस्कान है वो, हर माँ की जान है वो !!ये बच्चे मन के सच्चे,थोड़े कच्चे

Leave a Comment