Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Agar aisa ho paye kavita by Jitendra Kabir

 अगर ऐसा हो पाए छू पाऊं अपने शब्दों से किसी के मन को, तो मेरा लिखना सफल है। जगा पाऊं …


 अगर ऐसा हो पाए

Pani kavita by Rajesh shukla madhya pradesh

छू पाऊं अपने शब्दों से

किसी के मन को,

तो मेरा लिखना सफल है।

जगा पाऊं अपने शब्दों से

किसी के सोए अरमान,

तो मेरा लिखना सफल है।

दिला पाऊं अपने शब्दों से

किसी को भूली-बिसरी याद,

तो मेरा लिखना सफल है।

सुला पाऊं अपने शब्दों से

किसी बेचैन को अच्छी नींद,

तो मेरा लिखना सफल है।

भुला पाऊं अपने शब्दों से

किसी का थोड़ा सा ग़म,

तो मेरा लिखना सफल है।

हिला पाऊं अपने शब्दों से

किसी का सोया जमीर,

तो मेरा लिखना सफल है।

दिखा पाऊं अपने शब्दों से

किसी को सही राह,

तो मेरा लिखना सफल है।

               जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

नारी सब पर भारी हो | Naari par kavita

September 10, 2023

नारी सब पर भारी हो ! नारी हो तुमसब पर भारी होतुम किसी की बेटी बनघर की रौनक बन जाती

नटखट कृष्ण | natkhat krishna

September 6, 2023

नटखट कृष्ण कान्हा, तेरी देख सुंदर छवि प्यारी,मन हुआ विकारों से खाली।मनभावन अखियां तेरी,मोहक मुस्कान है।मोरपंख से सुशोभित मुकुट तेरा,घुंगराले

माँ बूढ़ी हो रही है

August 30, 2023

माँ बूढ़ी हो रही है अबकी मिला हूँ माँ से,मैं वर्षों के अंतराल पर,ध्यान जाता है बूढ़ी माँ,और उसके सफ़ेद

रक्षाबंधन पर कविता

August 30, 2023

 रक्षाबंधन बहन इक भाई के जीवन में रिश्ते कई निभाती है,बन के साया मां की तरह हर विपदा से बचाती

दिकु के झुमके

August 30, 2023

दिकु के झुमके सुनो दिकु….. अनोखे से झुमके तुम्हारेपल पल याद आते है आज भी उनकी झणकार कामेरे कानों में

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

August 14, 2023

भावनानी के भाव मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे इन

PreviousNext

Leave a Comment