Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Achhe din

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित  …


 कविता
अच्छे दिन

Achhe din


बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो

या           कुपोषित      बच्चा        का        हो

सेना में  शहीद      नौजवान      के        परिवार

के    माता-  पिता   या       पत्नी     का       हो

या फिर स्कूलों कालेजों के प्रबंधक  अध्यापकों

द्वारा बच्चों का    यौन      शोषण      का      हो

या फिर   मेडिकल   कॉलेजों,   हॉस्पिटलों    मे

 मर     रहे       मासूम       बच्चों        का    हो 

या       फिर          आस्था       के    नाम    पर

 साधारण  जनता     को      लूटने      का     हो

या दहेज के नाम पर कड़ी   प्रताड़ना     यातना 

या         खबर         जलाने            का      हो

या       छेड़खानी       से         तंग        आकर 

खुद         को       आग       लगाने    का     हो

या    फिर    कर्ज    में      डूबे     किसान    का

आत्म हत्या या   फसल   जलाने      का      हो 

सरकार की नजर जनता के दुख दर्द   चोट  पर नहीं है 

मिशन 2022, मिशन 2024 के फोटो   पर   है 

                                      कवि सी.पी.गौतम

In Hinglish

bat mahilao ki suraksha ka ho 

ya  kuposhit    baccha ka ho 

sena me shaheed naujawano ke parivar 

ke    mata pita  ya    patni  ka

ya schoolo collegoo ke prabandhak adhyapko

dwar baccho ka yon shoshan ka ho

ya phir medical collegoo hospitalo me

mar rahe masoom baccho ka ho 

ya phir astha ke nam par 

sadharan janta ko lootne ka ho

ya dahez ke nam par kadi pratarna yatna

ya khabar jalane ka ho

ya ched chhani se tang aakar

khud ko aag lagane ka ho 

ya phir karz me doobe kisaan ka 

aatmhtya ya fasal jalane ka ho

sarkar ki nazar janta ke dukh dard chot par nhi hai 

misson 2022, misson 2024 ke photo par hai 

                             kavi c. p. gautam


Related Posts

नफरत की आग

June 24, 2022

 नफरत की आग जितेन्द्र ‘कबीर’ आग! आग से बुझती नहीं कभी, बुझती है रेत या फिर पानी से, नफरत की

ईश्वर क्या है?

June 24, 2022

 ईश्वर क्या है? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक उम्मीद है! कुछ अच्छा होने की, अपने जीवन में कठिनाइयों से जूझते इंसान के

ऐसे बदलाव नहीं आएंगे

June 24, 2022

 ऐसे बदलाव नहीं आएंगे जितेन्द्र ‘कबीर’ सिर्फ इसलिए कि हमें बुरा लगता है देखना… देश को दंगे-फसादों में जलते हुए,

कोई क्या कर पाएगा?

June 24, 2022

 कोई क्या कर पाएगा? जितेन्द्र ‘कबीर’ बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या

दुनियादारी

June 24, 2022

 दुनियादारी जितेन्द्र ‘कबीर’ बड़े खुश थे सभी चुप रहा करते थे जब तक, जरा सी जुबान जो खोली तो शिकवे

लूट मची है लूट

June 24, 2022

 लूट मची है लूट जितेन्द्र ‘कबीर’ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो छोटे-बड़े ‘कुकुरमुत्ते’ उग आए हैं अवसर पाकर,

PreviousNext

Leave a Comment