abhilasha poem by abhilekha ambasth gazipur
अभिलाषा अधरों पे मुस्कान लिए, शहरों में अब गांव मिले, मधुर वाणी की सरगम में, शहरों में अब गांव पले, …
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कविता- हौंसला तुम्हारा…
March 7, 2023
नन्हीं कड़ी में…. आज की बात हौंसला तुम्हारा…(कविता) हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।पग-पग पर मज़ाक
मुस्कुराना सीख रही
March 6, 2023
मुस्कुराना सीख रही मुस्कुराना सीख रही हूँ तुम्हारे बिना जीना सीख रही हूँहाँ आज फिर से मुस्कुराना सीख रही हूँजो
मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है
March 6, 2023
भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक
आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें
March 6, 2023
भावनानी के भाव आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम
वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है
March 6, 2023
भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे
कविता एकत्व | kavita ekatatva
March 5, 2023
एकत्व एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है
