Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Abhilasha jivan ki by H.k Mishra

 अभिलाषा जीवन की जीने मरने की कसमें, मात्र दिखावा नहीं जहां, सच्चे प्रेमी बहीं दिखेंगे , चल अभिनंदन करते हैं। …


 अभिलाषा जीवन की

Abhilasha jivan ki by H.k Mishra

जीने मरने की कसमें,

मात्र दिखावा नहीं जहां,

सच्चे प्रेमी बहीं दिखेंगे ,

चल अभिनंदन करते हैं। ।।

राधा का जितना प्रेम रहा,

नहीं  किसी का पावन ,

अमर कथा कृष्ण प्रेम की,

सब करते हैं बंदन ,।।

लोलुपता में लुप्त हुई है,

सब का जीवन सारा ,

जहां न कोई लोलुपता हो,

वही डगर है प्यारा ।।

जीवन में तृष्णाएं इतनी,

इससे बचा न कोई ,

छल कपट से भरा हुआ,

यह  छोटा सा जीवन।   ।।

जीवन की अभिलाषा में,

चाहे जितनी परिभाषा दो,

जन्म मृत्यु से अलग नहीं,

जीवन का कोई दर्शन है।  ।।

मानव मन तो उछल रहा,

मानो सारी दुनिया मेरी है,

कैसा है अविवेक तुम्हारा,

कल को देखा है किसने   ?

अपनी चिंता मुझे नहीं है,

उसकी चिंता माधव की,

इतना है तुम पर विश्वास,

खंडित होगा कैसे आश।  ।।

सब लीला नारायण की,

अपनी तो कुछ बची नहीं,

करना प्रभु का आराधन,

बचा वही  मेरा साधन  ।।

हे सुप्रीते रह जीवन में,

पावन  मेरे  जीवन कर,

मेरे गम को दूर करो,

जीवन के समतल में आ।  ।।

जाने का तो गम है इतना,

प्रीति रीत निभाना कैसे ,

सोच विकल  व्याकुल मन,

कुछ तो कर मेरे मन को   ।।

मैं तेरा अनुमोदन करता,

हर इच्छा को आगे रखता,

यही सनातन  परंपरा है ,

तेरे आगे मौन बना हूं।  ।।

         मौलिक रचना

                           डॉ हरे कृष्ण मिश्र ‌

                           बोकारो स्टील सिटी

                             झारखंड।


Related Posts

तुलसी आज| Tulsi-aaj

March 28, 2023

तुलसी आज क्यों में तुलसी तेरे आंगन की बनूंमेरी अपनी महत्ता मैं ही तो जानूं संग तेरे रहूंगी जीवन भर

सतकर्म ही पूजा है| satkarm-he-pooja

March 28, 2023

सतकर्म ही पूजा है सोचो समझो इससे बड़ा ना कोई इस जग मे दूजा हैसच करो सतकर्म दुनिया मेंयही तो

पैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से लाल।।

March 22, 2023

पैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से लाल।। भगत सिंह, सुखदेव क्यों, खो बैठे पहचान। पूछ रही माँ भारती, तुम

मौत का मुल्यांकन | maut ka mulyankan

March 22, 2023

 भावनानी के भाव मौत का मुल्यांकन मैंने भी सोचा हम तो यूं ही जिंदगी  जिए जा रहे हैं बेकार  मौत

चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा

March 22, 2023

भावनानी के भाव चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा अगर घर के हेड हो, जवाबदार हो।चार बातें तो सुनना ही

हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है

March 19, 2023

 भावनानी के भाव हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार

PreviousNext

Leave a Comment