Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

aatishbaaji jaruri nahi by Jitendra Kabir

 आतिशबाजी जरूरी नहीं दीवाली – दशहरे जैसे त्यौहारों में धूम – धड़ाके को जरूरी मानना हो या फिर नववर्ष के …


 आतिशबाजी जरूरी नहीं

aatishbaaji jaruri nahi by Jitendra Kabir

दीवाली – दशहरे जैसे त्यौहारों में

धूम – धड़ाके को जरूरी मानना हो

या फिर नववर्ष के आगमन का

स्वागत करना हो

आतिशबाजी के शोर में दबाकर,

शादी एवं अन्य सामाजिक समारोहों में भी

पटाखे चलाने की परंपरा निभाकर,

देश के प्रमुख शहरों में

वायु व ध्वनि प्रदूषण की समस्या को

आने वाले दिनों के लिए 

ज्यादा विकराल बनाकर,

दो – चार हजार रुपयों के पटाखे फोड़

खुद को बड़े शूरवीर कहलाकर,

मानसिक दिवालियेपन के शिकार जो लोग

दिखाना चाहते हैं

पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति की शान,

उनसे कहना चाहता हूं मैं सिर्फ इतना

कि बारूद की गंध मिली हवाएं

नहीं रहीं हैं कभी किसी महान मुल्क 

और संस्कृति की पहचान,

कानफोड़ू धमाकों में खुशियां ढूंढना

हिंसक प्रवृतियों का है काम,

इसलिए आतिशबाजी के विरोध को

अपनी संस्कृति व धर्म पर हमला बताकर

शांति, दया, समझदारी एवं 

उच्च आध्यात्मिक ज्ञान की संस्कृति को

अपने तुच्छ कुतर्कों से न करो यूं बदनाम।

                               

 जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कविता:क्यों करे अपेक्षा?| kyon kare apeksha

March 15, 2023

क्यों करे अपेक्षा? एक धनी धन देगा, आत्मविश्वासी प्रण लेगा, जिसके पास जो भरपूर हैउनके पास वो उस शण मिलेगा।

थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां

March 13, 2023

भावनानी के भाव थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां घर की जान होती है बेटियांपिता की आन बान शान

कविता: शब्द | kavita: shabd

March 13, 2023

कविता: शब्द मन के अनगिनत विचारों को,सबके सन्मुख दे खोल।कहलाते है शब्द वही,या कहते इन्हें हम बोल।शब्द होते दर्पण व्यक्तित्व

Kavita: eknishthta |कविता :एकनिष्ठता

March 12, 2023

कविता: एकनिष्ठता नदी का एक पड़ाव होता हैवो बहती है समंदर की तलाश मेंबादल भी चलते हैं, बहते हैं मौसम

स्वाभिमान है तेरा असली गहना।

March 9, 2023

स्वाभिमान है तेरा असली गहना। लिखना सिखा,पढ़ना सिखा,सबसे आगे बढ़ना सीखा,स्वाभिमान बचाना क्यों नहीं सीखा?स्वाभिमान बचाना क्यों नहीं सीखा? सहना

भांग के साइड इफेक्ट्स

March 9, 2023

भांग के साइड इफेक्ट्स आंखें बंद करता हूं तो अंधेरा डराता है,आंखें खुली रखता हूं तो उजाला सताता है,मुझे नींद

PreviousNext

Leave a Comment